फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी मरीज भर्ती प्रपत्र देने वाली दो आशाओं की सेवा समाप्त

विज्ञापन
फोटो-11 गोंडा में अमर उजाला में प्रकाशित खबर। -संवाद - फोटो : GONDA
विज्ञापन
गोंडा। निजी अस्पतालों में प्रसव के बाद महिला अस्पताल में फर्जी बीएचटी (मरीज भर्ती प्रपत्र) के सहारे सरकारी प्रोत्साहन राशि हड़पने के खेल में शामिल दो आशा कार्यकर्ताओं की सेवा सीएमओ ने समाप्त कर दी है। वहीं, महिला अस्पताल में बिना काम नियमित घूमने वाली छह आशाओं को चिह्नित कर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन

विगत 31 अगस्त को अमर उजाला में ‘प्राइवेट अस्पताल में प्रसव, सरकारी में दिखाया भर्ती’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद फर्जी तरीके से सरकारी प्रोत्साहन राशि हड़पने के खेल का खुलासा हुआ। जांच के बाद दोषी पाई गई आशा कार्यकर्ता नीलम तिवारी की सेवा समाप्त कर दिया गया। 30 अगस्त को आरोपी आशा कर्मी नीलम तिवारी एक प्रसूता का बीएचटी भरवाने महिला अस्पताल के भर्ती काउंटर पर पहुंची। काउंटर पर ड्यूटी स्वास्थ्यकर्मी को भ्रमित कर बीएचटी भरवा लिया गया। प्रसूता की खोज करने पर पता चला कि उसका प्रसव किसी निजी अस्पताल में हुआ था। जांच के बाद दोषी मिली बेलसर के लिलोई कला निवासी आशा कार्यकर्ता नीलम तिवारी व कार्य के प्रति लापरवाही मामले में कटरा बाजार की रामावती की सेवा समाप्त कर दिया गया है। मरीजों को गुमराह करने में छह आशा कार्यकर्ता चिह्नित किए गए हैं।
इनसेट
बिना मरीज अब आशाओं को नहीं मिलेगा प्रवेश
महिला अस्पताल में आए दिन आशा कार्यकर्ताओं की ओर से मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों में भर्ती कराए जाने की शिकायत मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने सख्त निर्देश दिया कि कोई आशा कार्यकर्ता तभी महिला अस्पताल में प्रवेश पा सकेगी, जब उसके साथ कोई मरीज होगा। बिना काम महिला अस्पताल में घूमने वाली आशा कार्यकर्ताओं की भी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें