गोंडा। महिला अस्पताल में आवासीय सुविधा मुहैया न होने से परेशान डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को जल्द ही राहत मिलेगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में बने जर्जर व बदहाल हो चुके आवासीय भवनों को ध्वस्त कर नए सिरे से भवनों का निर्माण होगा। विभागीय स्तर से इसके लिए 3.18 करोड़ की बजट धनराशि भी आवंटित हो गयी है। इसका सीधा फायदा अस्पताल में तैनात छह डॉक्टरों समेत 21 स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगा।
जिला महिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 13 डॉक्टर व 50 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है। बीते माह हुए स्वास्थ्य कर्मियों के स्थानांतरण के बाद जिले में तैनात हुए छह डॉक्टरों व 15 अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को अभी तक आवासीय सुविधा मुहैया नहीं हो पाई है। इससे परेशान इन स्वास्थ्यकर्मियों व डॉक्टरों को अस्पताल से दूर किराए के मकान में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। मरम्मत कार्य व देखभाल न होने से अस्पताल परिसर में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के आवास के लिए बने 13 आवास पूरी तरह से जर्जर व बदहाल स्थिति में हैं। इस कारण इन आवासों का फायदा तैनात कर्मियों को नहीं मिल पा रहा है। परिसर में आवास न मिलने के कारण आपातकालीन कॉल के दौरान डॉक्टरों व पैरामेडिकल कर्मियों को अस्पताल पहुंचने में काफी समय लग जाता है। कई बार इसका खामियाजा मरीज को समय पर उचित इलाज न मिल पाने के बतौर उठाना पड़ता है।
पुराना आवास ध्वस्त कर होगा नया निर्माण
स्वास्थ्य विभाग में सिविल कार्य से जुड़े अवर अभियंता एससी मिश्र ने बताया कि महिला अस्पताल में छह डॉक्टरों तथा छह-छह टाइप वन तथा टाइप टू कर्मी आवास वर्तमान में पूरी तरह बदहाल स्थिति में हैं। डॉक्टरों व कर्मचारियों के ऐसे पुराने 13 आवासों को पूरी तरह ध्वस्त कर नया निर्माण कार्य कराने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए शासन स्तर से 3.18 करोड़ की बजट राशि भी स्वीकृत हो चुकी है।
तबादले के बाद भी नहीं छोड़ा आवास, भटक रहे चिकित्सक
महिला अस्पताल में तैनात गैर जनपद से आए डॉक्टर दंपति को परिसर में आवास आवंटित होने के बाद भी महीनों बाद कब्जा पाने के लिए भटकना पड़ रहा है। आवास पर पहले से काबिज एक डॉक्टर स्थानांतरण के बाद भी सरकारी आवास से कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं। अस्पताल में तैनात रहे डॉ. राम लखन का स्थानांतरण बीती 30 जून को श्रावस्ती हो गया। उनकी जगह तैनात हुए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषार्थ को यह आवास निवास के लिए आवंटित कर दिया गया। डॉ. पुरुषार्थ की पत्नी डॉ. सौम्या भी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं। आवंटन के तीन माह बाद भी स्थानांतरित हुए डॉक्टर ने सरकारी आवास से अपना कब्जा नहीं छोड़ा है। ऐसे में मजबूर होकर डॉक्टर दंपति को अस्पताल से दूर किराए के मकान में रहने को विवश होना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल में डॉक्टरों के लिए तीन आवास बने थे। इनमें से एक आवास बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषार्थ शुक्ल व को आवंटित किया गया है। पूर्व में तैनात डॉक्टर को आवास खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है। अन्य जर्जर हो चुके 13 अन्य भवनों का निर्माण कार्य भी नए सिरे से शुरू किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
डॉ. सुषमा सिंह, सीएमएस महिला अस्पताल