गोंडा के जिला अस्पताल में दवा के लिए लाइन में लगे लोग। -संवाद
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गोंडा। डेंगू के साथ ही वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की प्लेटलेट्स भी तेजी से कम होने लगी है। बरसात के बाद तेजी से फैले मौसमी बुखार ने प्लेटलेट्स की मांग को पांच गुना तक बढ़ा दिया है। इसके चलते ही जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सामान्य दिनों में होने वाली दिन दो से तीन यूनिट प्लेटलेट्स की मांग अब बढ़कर प्रतिदिन 12 से 15 यूनिट तक पहुंच गयी है।
बरसात के बाद जगह-जगह हुए जलभराव के कारण मच्छर जनित बीमारियों ने तेजी से अपना प्रभाव बढ़ाया है। इनमें अधिकांश मरीज वायरल से पीड़ित मिल रहे हैं। इसके साथ ही डेंगू व मलेरिया भी लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में वायरल बुखार से पीड़ित 476 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे। इनमें से 18 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। चिंता की बात यह है कि वायरल बुखार से पीड़ित इन मरीजों की प्लेटलेट्स में भी डेंगू पीड़ित मरीजों की तरह ही तेजी से कमी आ रही है। इसी कारण जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की दैनिक मांग दो से तीन यूनिट से बढ़कर 12 से 15 यूनिट हर दिन तक पहुंच गयी है। जबकि ब्लड बैंक में सिर्फ आठ से दस यूनिट प्लेटलेट्स ही जरूरतमंदों को उपलब्ध हो पाती हैं।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. जितेंद्र मिश्र ने बताया कि डेंगू के लक्षण वाले वाले मरीजों के प्लेटलेट्स काउंट में एकदम से तेजी के साथ कमी आती है। कमोबेश मौसमी व वायरल बुखार पीड़ित मरीजों का प्लेटलेट्स काउंट भी बुखार के दौरान कम होता है लेकिन इसे सामान्य माना जाता है। जरूरी नही है कि ऐसे सभी मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाया ही जाए। उन्होंने बताया कि प्लेटलेट्स काउंट जब 20 हजार से नीचे पहुंचे तभी मरीज को खतरे से बचाने के लिए प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।