फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जंगली मशरूम खाने से 12 बीमार, सात बच्चे गंभीर

विज्ञापन
फोटो-11 गोंडा में जिला अस्पताल के पीआईसीयू में बच्चों का इलाज करते डॉ. आफताब आलम। -संवाद - फोटो : GONDA
विज्ञापन
गोंडा। जिले में जंगली मशरूम खाने से फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया है। इटियाथोक के तीतगांव में जंगली मशरूम खाने से 12 लोग बीमार हो गए हैं। इसमें सात बच्चों की हालत गंभीर है। इन बच्चों को पीआईसीयू में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि गांव में ऐसे ही निकलने वाले जंगली मशरूम को एक व्यक्ति ले आया। जिसने स्वयं भी लिया और अपने चाचा के घर भी दिया। दोनों घरों में जंगली मशरूम की सब्जी बनाकर खायी गई। इसके बाद ही दोनों परिवारों के बच्चे बीमार हो गए।
विज्ञापन

शनिवार रात जंगली मशरुम (कुुकुरमुत्ता) की सब्जी खाने से दो परिवार के 12 लोग बीमार हो गए। जिसमें से सात बच्चे शामिल हैं। बीमारों को जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। रविवार शाम तक पांच लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। इनमें सात बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई। रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर सब्जी का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है।
इटियाथोक के तीतगांव निवासी सलीम व अकबर अली के परिवार के 12 लोग बीमार पड़ गए। सबको उल्टी, दस्त व पेट दर्द की परेशानी थी। परिवार के मेराज हुसैन ने बताया कि सलीम का बेटा गांव से जंगली मशरूम (कुुकुरमुत्ता) लेकर आया। जिसे अपने घर तथा अकबर अली को दे गया। दोनों घरों में इसकी सब्जी बनी। खाना खाने के बाद वसीम (12), अलताब (8), सलीम (13), शहबान (12), तौफीक (11), महरु निशा (30), मूना (48), जैनतुन निशा (50), शहनाज(27), रहीम(17), फयाज (12) तथा मेराज (20) बीमार पड़ गए। बीमारों को आनन फानन में जिला अस्पताल के मेेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन

बच्चों को ज्यादा दिक्कत होने से उन्हें जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ा। रविवार देर शाम तक पांच लोगों को स्वस्थ होने के कारण अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि बच्चों का अभी भी इलाज चल रहा है।
बच्चों के लिए वरदान बना पीआईसीयू
जिला अस्पताल में कुछ महीनों पहले शुरू हुआ पीआईसीयू बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ। पीआईसीयू प्रभारी डॉ. आफताब आलम ने बताया कि मशरूम प्वाइजनिंग से पीड़ित कई बच्चे गंभीर बीमार थे, जिनको एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) में भर्ती करने की जरूरत थी। पीआईसीयू संचालित होने से उनका इलाज किया जा सका, अन्यथा रेफर करना पड़ता।
बताया कि गांव में पाया जाने वाला मशरूम खाने से प्वाइजनिंग हो सकती है। फूड प्वाइजनिंग की तरह लक्षण दिखाई पड़ते हैं। मशरूम प्वाइजनिंग इल्यूडिंस नामक टॉक्सिन से होता है। मशरूम प्वाइजनिंग होने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक का सुझाव लें। गंभीर बीमार होने पर सांस में रुकावट की समस्या होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें