फोटो- 16- गोंडा के जिला अस्पताल में बना डेंगू वार्ड। संवाद
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गोंडा। जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती चिकनगुनिया के एक मरीज का परिजन बिना बताए लेकर चले गए। शनिवार सुबह डॉक्टर के पहुंचने पर मरीज के न होने पर हड़कंप मच गया। डॉक्टर ने अस्पताल प्रशासन को मरीज के बिना बताए चले जाने की सूचना दी। स्वास्थ्य टीम को मरीज के घर भेजकर फिर से इलाज शुुरू करने की अपील की गई। वहीं जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के एक मरीज को जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
16 अगस्त को धानेपुर के अलावल देवरिया निवासी आठ वर्षीय सबा को जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। जांच में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। डॉ. आफताब आलम ने बताया कि दो दिन पहले मरीज के परिजन उसे बिना बताए लेकर चले गए। जिसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दी गई। मरीज के गायब होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य टीम को मरीज के घर भेजा गया। स्वास्थ्य टीम में शामिल मो. हसन ने बताया कि मरीज के परिजन को समझा बुझाकर फिर से इलाज करवाने लिए भर्ती कराने की अपील की गई। खरगूपुर के महादेवा कला निवासी 10 वर्षीय उम्मेहानी को भी पीआईसीयू में भर्ती कराया गया था। जांच में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) की पुष्टि हुई। जिले में अब तक जेई के 12 मरीज मिल चुके हैं।
डेंगू को लेकर विभाग अलर्ट
बृहस्पतिवार को हुई तेज बारिश के बाद डेंगू व मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल में डेंगू के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं। शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में जलजमाव वाले स्थानों को चिह्नित करने के साथ ही घर-घर जाकर जागरूक करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया। (संवाद)