फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

16119 श्रमिकों को दक्ष बनाने की योजना पर कुंडली

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। जिले के 16119 बेरोजगारों को प्रशिक्षण देने की योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई है। इसके लिए बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार की गई और संस्थाओं को जिम्मेदारी भी मिली।
विज्ञापन

दो हजार से अधिक लोगों के प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी फिर भी प्रशिक्षण नही मिल सका। इसमें अधिकतर प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार परक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई थी। जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार दिया जा सके। प्रशिक्षण शुरू न करने पर अब संस्थाओं को नोटिस दी जा रही है।
कोरोना संकट के दौरान बाहर से आए 30 हजार के करीब प्रवासी श्रमिकों को सूचीबद्ध किया गया था। श्रमिकों के कार्य को चिन्हित करने के साथ ही उनके पसंद के कार्य का प्रशिक्षण देना था।
विज्ञापन

इसके लिए शार्ट टर्म ट्रेनिंग में 2260 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके साथ ही आरपीएल के तहत 3903 को प्रशिक्षण दिया जाना है। यह दोनो प्रशिक्षण सभी को दिया जाना है। इसके अलावा गरीब कल्याण योजना से 2093 प्रवासी श्रमिकों को तथा आरपीएल प्रशिक्षण में 2093 प्रवासी श्रमिकों को ट्रेनिंग दी जानी है। 5650 युवाओं को भी प्रशिक्षण देने की योजना भी बनी थी।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से 120 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य था। इस तरह 16119 लोगों को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाने की योजना तैयार तो हुई लेकिन शुरू हो सकी है। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है और प्रशिक्षण शुरू करने पर सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने प्रशिक्षण के लिए नामित संस्थाओं को नोटिस जारी की है। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने के साथ ही अब तक प्रशिक्षण न शुरू करने पर स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं।
प्रशिक्षण योजनाओं में अब तक सिर्फ 931 ने ही पंजीकरण कराया है। माना जा रहा है कि इसके लिए अभी जागरूकता की भी जरूरत है। इसमें अभी तक 425 लोगों ही ट्रेनिंग दिया गया है।
इसके चलते लोगों की उम्मीदें भी टूट रही हैं। लोग पंजीकरण कराने में रुचि नही दिखा रहे हैं। संस्थाओं की ओर से भी प्रशिक्षण देने में रूचि नही दिख रही है। बताया जा रहा है कि संस्थाओं के भुगतान में दिक्कत होने से प्रशिक्षण कार्य प्रभावित है।
जिले में नौ संस्थाओं को साल भर में 2260 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया जाना था। इसमें लापरवाही सामने आई है। 346 लोगों का ही प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण हो सका। लेकिन अभी तक एक को भी प्रशिक्षण नही दिया गया है। इससे प्रशिक्षण की योजना काफी धीमी चल रही है। प्रशिक्षण ही शुरू न होने के कारण अहम योजना फेल हो जा रही है। अब इन संस्थाओं से भी जवाब मांगा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें