गोंडा। अदम गोंडवी मैदान के पास सड़क किनारे लगे होर्डिंग किसने तैयार कराए हैं, किस प्रिंटर्स के हैं, इन पर इसका कोई विवरण नहीं दर्ज है। न ही कंपनी का मोबाइल नंबर लिखा है। यही हाल मेडिकल कॉलेज के बाहर दीवारों पर लगे फ्लेक्स का है। अंबेडकर चौराहे पर लगे होर्डिंग में भी नियमों की अनदेखी उजागर हो रही है। ये चंद मामले शहर की सड़कों, चौराहों और बाजारों में जगह-जगह लगे होर्डिंग, बैनर और फ्लेक्स की तस्वीर बयां करते हैं। इनमें कई पर विज्ञापन एजेंसी का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य पहचान संबंधी विवरण नहीं दर्ज हैं। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल है कि होर्डिंग का ढांचा किसका है और उस पर विज्ञापन किसने लगवाया है। अवैध होर्डिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि इनके संचालकों की पहचान और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था आखिर कहां है।
ठेका एक कंपनी को, काम कर रहीं कई एजेंसियां
शहर में होर्डिंग लगाने का ठेका वीके पब्लिकेशन को मिला है, जबकि काम एक दर्जन से अधिक कंपनियां कर रही हैं। ऐसे में सवाल है कि कौन सी एजेंसी कहां प्रचार सामग्री लगा रही है और उसके लिए अनुमति ली गई है या नहीं, शहर में कब और कहां नया होर्डिंग खड़ा कर दिया जाए, इसकी जानकारी तक स्पष्ट नहीं हो पाती। ऐसे में निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था प्रभावी बनाने की जरूरत है।
रातोंरात में खड़े होते हैं होर्डिंग के ढांचे
शहर में कई जगह होर्डिंग के ढांचे खड़े होने और उन पर विज्ञापन लगाए जाने को लेकर निगरानी की जरूरत है। यह पता करना जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे ढांचों को किसने स्थापित कराया और इसके लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली गई या नहीं। होर्डिंग पर विज्ञापन एजेंसी का नाम और मोबाइल नंबर नहीं होने से जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। जिन होर्डिंग पर पहचान संबंधी विवरण दर्ज नहीं हैं, उनके संचालकों का पता लगाने में जिम्मेदार हांफ रहे हैं।
अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई के लिए जरूरी है सर्वे
सुनील मिश्र का कहना है कि शहर में लगे होर्डिंग की संख्या, उनकी स्थिति और अनुमति संबंधी जानकारी जुटाने के लिए व्यवस्थित सर्वे की जरूरत है। अभिषेक मिश्र का कहना है कि किसी को यह पता ही नहीं चल पाता है कि शहर में लगे होर्डिंग में कौन सही है और कौन गलत। अभिषेक शुक्ल का कहना है कि इसके लिए पालिका को टीम बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
चलेगा अभियान, होगी कार्रवाई
अवैध होर्डिंग चिह्नित किए जा रहे हैं। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पालिका की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
— रत्नेश यादव, प्रभारी अधिकारी, होर्डिंग
शहर में लगे अवैध होर्डिंग। संवाद
शहर में लगे अवैध होर्डिंग। संवाद
शहर में लगे अवैध होर्डिंग। संवाद