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Gonda News: होर्डिंग और फ्लेक्स लगाकर भूले, शहर में फैल रहा कचरा

Fri, 16 Oct 2026 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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सिंचाई विभाग डाक बंगले के पास अवैध तरीके से लगे होर्डिंग व जलकल परिसर में पड़े होर्डिंग। - संवा
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गोंडा। त्योहार हों या राजनीतिक कार्यक्रम, प्रचार के लिए शहर भर में लगाए जाने वाले होर्डिंग और फ्लेक्स कार्यक्रम खत्म होते ही उपेक्षा का शिकार हो जाते हैं। सड़क किनारे, बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे होर्डिंग लंबे समय तक फटे-पुराने हाल में लटके रहते हैं। कुछ उतारे भी जाते हैं तो उनके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। नतीजा यह है कि प्रचार की चमक खत्म होने के बाद फ्लेक्स का कचरा शहर की स्वच्छता और पर्यावरण के लिए चुनौती बन जाता है।
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नगर निकाय की ओर से समय-समय पर सफाई अभियान चलाया जाता है लेकिन फ्लेक्स के कचरे के निस्तारण को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। जलकल परिसर के अलावा पुस्तकालय और गांधी पार्क में भी होर्डिंग डंप किए जाते हैं। बाईपास के पास बने कूड़ा अड्डे पर भी इस तरह का कचरा पहुंचता है।
कितनी मात्रा में फ्लेक्स निकलते हैं और उनका निस्तारण कहां तथा किस तरीके से किया जाता है, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। ऐसे में यह भी स्पष्ट नहीं है कि कचरा निस्तारण केंद्रों पर फ्लेक्स को दूसरे कचरे से अलग किया जाता है या नहीं। कई बार फटे फ्लेक्स कचरे के साथ पड़े रहते हैं, तो कहीं उन्हें खुले में जलाने का खतरा बना रहता है। अभी नगर पालिका क्षेत्र में एमआरएफ सेंटर शुरू नहीं हो सका है। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि नगरीय निकायों को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। फ्लेक्स को सामान्य कचरे से अलग कर सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।
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सुरक्षित निस्तारण जरूरी
विज्ञान संचारक राजेश मिश्र ने बताया कि पीवीसी से बने फ्लेक्स आसानी से नष्ट नहीं होते। समय के साथ इनके छोटे-छोटे टुकड़े पर्यावरण में फैलकर प्रदूषण बढ़ा सकते हैं। इसलिए फटे और पुराने फ्लेक्स को सामान्य कचरे में मिलाने या खुले में फेंकने के बजाय अलग एकत्र करना चाहिए। इन्हें अधिकृत रिसाइक्लिंग केंद्रों तक पहुंचाकर सुरक्षित निस्तारण किया जाना जरूरी है।
स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक
नीमा के अध्यक्ष डॉ. महमूद आलम बताते हैं कि पीवीसी से बनी प्रचार सामग्री को खुले में जलाने से निकलने वाला धुआं आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है। ऐसे में फ्लेक्स कचरे को जलाने के बजाय सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना चाहिए।
निस्तारण के लिए हो ठोस प्रयास
सेवानिवृत्त शिक्षक विनय शुक्ल का कहना है कि फ्लेक्स कचरे के लिए अलग संग्रह केंद्र बनाए जाने चाहिए। अधिकृत रिसाइक्लिंग की व्यवस्था के साथ यह रिकॉर्ड भी रखा जाए कि कितनी मात्रा में कचरा निकला और उसका निस्तारण कहां हुआ। अखंड सिंह का कहना है कि राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, आयोजकों और विज्ञापन एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। बबलू पांडेय के मुताबिक, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद प्रचार सामग्री हटाने के लिए समयसीमा तय की जानी चाहिए, ताकि शहर लंबे समय तक फटे होर्डिंग की चपेट में न रहे। प्रियव्रत सिंह का सुझाव है कि पहले फ्लेक्स कचरे का सर्वे कर उनकी संख्या का आकलन किया जाए। इसके बाद अलग संग्रह, सुरक्षित परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था लागू हो।

सिंचाई विभाग डाक बंगले के पास अवैध तरीके से लगे होर्डिंग व जलकल परिसर में पड़े होर्डिंग। - संवा

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