मेडिकल कॉलेज व परसपुर सीएचसी में बंद एनएचएम कर्मियों का कक्ष। संवाद
गोंडा। नियमितीकरण और वेतन विसंगति समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेज में एचआईवी जांच और स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी मरीजों की जांच का काम ठप है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी और रिपोर्टिंग पर भी असर पड़ा है।
एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मधुसूदन सिंह ने बताया कि जिले के एनएचएम कर्मी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। आंदोलन के कारण विभिन्न योजनाओं की रिपोर्टिंग और निगरानी का काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को मांगों के समर्थन में गोंडा से एनएचएम कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ के आंदोलन में सहभागिता की।
एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि एनएचएम कर्मचारी आंदोलन पर है। इसके कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अभी कोई खास असर नहीं पड़ा है। नियमित कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। मरीजों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
बाहर से करानी पड़ रही जांच
मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के लिए शुक्रवार को पहुंचे एक मरीज को एचआईवी जांच के लिए आरटीसी सेंटर भेजा गया लेकिन वहां ताला लटका मिला। पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं। ऐसे में मरीज को बाहर से जांच करानी पड़ेगी। जांच नहीं होने से 20 मरीजों को लौटना पड़ा। हेल्प डेस्क और काउंसिलिंग कर्मियों के हड़ताल पर रहने से भी मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
सीएचओ की हड़ताल से टीकाकरण ठप
परसपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की अनिश्चितकालीन हड़ताल से क्षेत्र के 19 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टीकाकरण, स्क्रीनिंग और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। ग्रामीण भगौती, हरिशंकर, रामदास, नंदकुमार और सुखदेव ने बताया कि केंद्रों पर सेवाएं बंद होने से लोगों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. लवेश शुक्ल ने बताया कि सीएचओ की हड़ताल की सूचना विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
मेडिकल कॉलेज व परसपुर सीएचसी में बंद एनएचएम कर्मियों का कक्ष। संवाद