गोंडा। जिलाधिकारी कार्यालय के मिनरल फंड से 206 परिषदीय विद्यालयों की हाईटेंशन लाइन हटाई जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पावर कार्पोरेशन से लाइन हटाने में आने वाले खर्च का एस्टीमेट मांगा है। वहीं तीन दिन में कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। माना जा रहा है कि अब जल्द ही परिषदीय विद्यालयों से गुजर रही लाइनें हटाई जाएंगी।
जिले में 2609 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। ऐसे में 206 विद्यालयों के परिसर में ट्रांसफार्मर होने के साथ ही हाईटेंशन लाइनें गुजर रही है। ऐसे में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए खतरा बना हुआ है। इसे हटाने के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने एक बार फिर बीएसए को तत्काल लाइनें हटवाने के लिए आदेश दिया है। जिलाधिकारी से संपर्क स्थापित कर परिषदीय विद्यालयों से हाईटेंशन लाइनें हटाने की रिपोर्ट तलब की है। ऐसे में जिलाधिकारी कार्यालय के मिनरल फंड से परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें हटवाने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को बीएसए की ओर से पावर कार्पोरेशन के अधिशासी अभियंताओं से ट्रांसफार्मर व लाइनें हटाने के लिए तीन दिन में एस्टीमेट मांगा गया है।
राजस्व प्रशासन के माध्यम से जो भी बिजली विभाग की वसूली की जा रही है। उस रकम का 10 प्रतिशत जिलाधिकारी अपने विवेक पर खर्च कर सकते हैं। इसे मिनरल फंड कहा जाता है। अब माना जा रहा है कि जल्द ही परिषदीय विद्यालयों की हाईटेंशन लाइनें हटाई जाएंगी।
एक्सईएन राधेश्याम भास्कर ने बताया कि प्रबंध निदेशक का स्पष्ट निर्देश है कि लाइन हटाने में आने वाला खर्च विभाग में जमा होगा। इसके बाद तत्काल परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें हटा दी जाएंगी।