गोंडा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तहसीलदार मनकापुर को क्षेत्र में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश का नियमानुसार अनुपालन कराने का आदेश दिया है।
मनकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम अगयामाफी निवासी ढोढई चौहान ने अधिवक्ता सौरभ शुक्ल के माध्यम से इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी। इसमें कहा कि ग्राम अगयामाफी के रहमत अली ने राजस्व अभिलेखों में गड़ही के रूप में दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बनवा लिया था। 16 सितंबर 2017 को क्षेत्रीय लेखपाल ने इसकी रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर एक जून 2022 को तत्कालीन तहसीलदार ने रहमत अली को भूमि से बेदखल करते हुए सात हजार दो सौ रुपये क्षतिपूर्ति और 2500 रुपये निष्पादन व्यय की वसूली का आदेश दिया था, मगर तहसील कर्मियों ने आदेश का अनुपालन नहीं कराया। इस पर ढोढई ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तहसीलदार के आदेश का अनुपालन कराने की मांग की।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने याची के कथन, मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा कि अपने आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी तहसीलदार की है। न्यायमूर्ति ने निर्णय सुनाते हुए सक्षम अधिकारी (तहसीलदार मनकापुर) को उप्र राजस्व संहिता-2006 में प्रावधानित समयसीमा के अंदर आदेश का निष्पादन कराने का आदेश दिया है।