गोंडा। सेवानिवृत्ति के बाद देयकों के भुगतान में की गई देरी अब आईटीआई मनकापुर प्रबंधन पर भारी पड़ती दिख रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आईटीआई मनकापुर के यूनिट हेड को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि आदेश की अवहेलना करने पर क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए।
इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज (आईटीआई) लिमिटेड मनकापुर से सेवानिवृत्त कर्मचारी देवेश कुमार त्रिपाठी ने वर्ष 2024 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि सेवानिवृत्ति के लंबे समय बाद तक उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य भुगतान लंबित हैं। उन्होंने बकाया राशि का भुगतान ब्याज समेत कराने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के बाद 10 जुलाई 2025 को न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन ने आईटीआई मनकापुर के यूनिट हेड को आदेश दिया था कि सेवानिवृत्त कर्मचारी को सात प्रतिशत ब्याज समेत समस्त बकाया धनराशि छह सप्ताह के भीतर अदा की जाए, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद न तो भुगतान कराया गया और न कोई संतोषजनक कार्रवाई की गई।
इसके बाद देवेश कुमार त्रिपाठी ने न्यायालय की अवमानना की याचिका दाखिल कर गुहार लगाई। याचिका पर सुनवाई करते हुए 24 नवंबर 2025 को न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने आईटीआई मनकापुर के अपर महाप्रबंधक/यूनिट हेड संतोष कुमार सिन्हा को अवमानना का नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यूनिट हेड यह बताएं कि न्यायालय के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया और क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।