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गोंडा में लगेगी हाईब्रिड डिवाइस

Mon, 28 Dec 2015 11:25 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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बिजली कंट्रोल रूम के लिए वर्षों से जमीन की तलाश कर रहे पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों को अब न तो स्विचयार्ड के लिए अलग से जमीन की तलाश करनी पड़ेगी और न ही जमीन की खराद फरोख्त के लिए करोड़ों रुपये काश्तकारों को देने होंगे। इतना ही नहीं हाईडिल कर्मचारियों के उन आवासों को भी अब नहीं तोड़ा जाएगा, जिसे नया स्विचयार्ड बनाने के लिए तोड़ने का प्रस्ताव पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों ने तैयार किया था।
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एसएफ (सल्फा-हेक्सा फ्लोराइड) गैस से भरी हाइब्रिड डिवाइस अपने आप में चार-चार ब्रेकरों का एक विकल्प होगी, जिसे एक स्थान पर छोटी सी जगह में लगाकर चार-चार ब्रेकरों का काम एक ही डिवाइस से किया जा सकेगा।

दो करोड़ रुपये की लागत वाली इस हाइब्रिड डिवाइस में हाईटेंशन लाइन को सपोर्ट करने वाले आईसोलेटर से लेकर ब्रेकर और सीटी (करंट ट्रांसफार्मर) तक होंगे, जो स्विचयार्ड में महज एक छोटी सी जगह में शिफ्ट होकर एक साथ कई ब्रेकर, पैनल और सीटी का काम करेंगे।
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हापुड़ जिले के बाद गोंडा के 220 केवी कंट्रोल रूम पर इस डिवाइस की स्थापना पारेषण खंड विभाग करने जा रहा है, जिससे पारेषण खंड विभाग के सामने वर्षों से चली आ रही स्विचयार्ड में जगह की समस्या का समाधान हो जाएगा।

इतना ही नहीं कंट्रोल रूम में जगह की किल्लत के चलते जिन ब्रेकरों, पैनलों और सीटी की स्थापना का काम वर्षों से लटका पड़ा था, वह भी अब आसानी से हल हो जाएगा।

जबकि इस डिवाइस के लगने से सबसे ज्यादा राहत पावर कॉरपोरेशन के उन कर्मचारियों को मिलेगी, जिनके आवासों को नए स्विचयार्ड के निर्माण के लिए तोड़ने का प्रस्ताव खुद पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों ने तैयार किया था। देखने में यह डिवाइस बहुत छोटी है। लेकिन इस डिवाइस के गुण अनेकहैं।
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छोटी सी जगह में लगने वाली यह डिवाइस एक साथ कई बिजली उपकरणों का काम आसानी से करती है, जिसके कारण इसे हाईब्रिड डिवाइस कहा जाता है।


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