गोंडा। स्कूल जाने वाले पांच से 19 वर्ष के बच्चों और किशोर-किशोरियों में एनीमिया की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ाएगा। इसके लिए आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम और किशोर स्वास्थ्य केंद्र आने वाले बच्चों की शत-प्रतिशत हीमोग्लोबिन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट आरबीएसके 2.0 पोर्टल पर दर्ज होगी।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक उमाशंकर वर्मा ने बताया कि अभियान के तहत स्कूलों में आरबीएसके टीम बच्चों की जांच करेगी। एनीमिक पाए जाने वाले बच्चों की सूची तैयार कर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार और प्रबंधन कराया जाएगा। वर्ष 2026-27 में स्कूलों में एनीमिया जांच को महत्वपूर्ण इंडीकेटर बनाया गया है। आरबीएसके टीम से रेफर बच्चों की हर शनिवार स्वास्थ्य इकाइयों की लैब में हीमोग्लोबिन जांच कराना अनिवार्य होगा। साथिया केंद्रों आने वाले सभी किशोर-किशोरियों की भी जांच की जाएगी। काउंसिलर साप्ताहिक रिपोर्ट आरबीएसके टीम को देंगे, जिसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। मासिक रिपोर्ट एचएमआईएस पर भी दर्ज होगी। जिला स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।