गोंडा। शहर से लेकर गांव तक शुक्रवार को करीब 45 मिनट तक हुई झमाझम बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। धान की खेतों में पड़ रही दरारों में पानी भरने से सूखे खेतों में हरियाली लौट आई है। शहर में बीते 21 जुलाई को झमाझम बारिश हुई थी, लेकिन अधिकांश ग्रामीण इलाकों में 25 दिन बाद शुक्रवार को तेज बारिश हुई है।
जिले में इस वर्ष एक लाख 24 हजार 173 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष करीब 95 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है। बारिश के रुख को देखते हुए बची हुई रोपाई बंद कर दी गई थी। बीते एक जुलाई को जिलेभर में बारिश हुई थी।
उसके बाद गांव में सिर्फ कभी-कभार फुहारें ही पड़ती रहीं। सूरज की तपिश के कारण खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं। जिससे सूखे की आहट से किसानों की बेचैनी बढ़ गई थी। तभी शुक्रवार को दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद तेज हवा चलने के साथ बादल छा गए। झमाझम बारिश हुई। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 17.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
परसपुर के प्योली पूरे बिलंद निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि बारिश न होने के कारण अभी तक धान की रोपाई नहीं हो सकी थी। बारिश होने पर रोपाई शुरू की गई है। लोहंगपुर पूरे पंडित निवासी रमेश पांडेय व पवन पांडेय ने बताया कि धान रोपाई करने के बाद खेतों में दरारें पड़ गई थीं। दो बार पंपिंग सेट से सिंचाई की, लेकिन खेत फिर सूखे जा रहे थे। अब बारिश से काफी फायदा हुआ है।
मसकनवा संवाद के अनुसार किसान रोहित द्विवेदी, गंगाराम, रामजग, सुमिरन, मनोज कुमार वर्मा, शारदा ने बताया कि बारिश फसलों और खेती किसानी के लिए वरदान साबित रही है। धान और गन्ने की फसल को काफी फायदा मिला है।
तालाब में तब्दील हो गईं सड़कें
बारिश के बाद शुक्रवार को शहर की सड़कें तालाब बन गईं। कचहरी रोड पर सिंचाई विभाग के पास सड़क पर घुटनों तक पानी भरा रहा। गोनार्द के सामने जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। मेडिकल कॉलेज में भी लबालब पानी भर गया। पटेलनगर में ईदगाह के सामने, सिविल लाइंस, आवास विकास, छेदीपुरवा, इमामबाड़ा, महारानीगंज, बड़गांव सहित लगभग सभी वार्डों में जलभराव से लोग परेशान रहे।