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आरोग्य मेले में रहा सन्नाटा, झोलाछाप क्लीनिक गुलजार

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गोंडा में इटियाथोक के प्राथमिक स्वास्थ्यकेंद्र सदाशिव में मरीज का परीक्षण करतीं डॉ. दीक्षा सिंह - फोटो : GONDA
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गोंडा। प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले जन आरोग्य मेले से मरीजों का मोह भंग हो रहा है। मरीज मेले में न जाकर झोलाछाप से इलाज कराना मुनासिब समझते हैं। कारण यह है कि वहां आरोग्य मेले में कहीं डॉक्टर तो दवा नहीं मिलती है।
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मरीजों का मानना है कि बिना जांच के फार्मासिस्ट लाल, पीली गोली देकर वापस भेज देते। रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंगुरा में दोपहर तक कोई भी मरीज इलाज कराने नहीं पहुंचा। पीएचसी पकड़ी में सिर्फ दो मरीज पहुंचे, जबकि पीएचसी के बगल ही एक झोलाछाप के क्लीनिक पर मरीजों का तांता लगा रहा। बेंच व स्टूल पर मरीजों को बैठाकर ड्रिप चढ़ाया जा रहा था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज के पीएचसी डुमरियाडहीह में सात गर्भवती समेत 36 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 16 लोगों का आयुष्मान कार्ड बना।
उधर, पीएचसी पिपरी में छह गर्भवती महिलाओं सहित 35 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी गई। डॉ. नीना खुराना, डॉ. नेहा तिवारी, फार्मासिस्ट वीरेंद्र कुमार, विकास चाहर आदि स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा बभनान बीरपुर में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में कुल 112 मरीजों का उपचार हुआ। मसकनवा व बभनान पीएचसी पर टाइफाइड, मलेरिया व हिमोग्लोबिन की जांच की गई।
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इस मौके पर डॉ. संजय कुमार, डॉ. पवन पटवा, डॉ. मोहम्मद आदिल, फार्मासिस्ट रमेश यादव, केके तिवारी एलए छांगुर प्रसाद, सतेंद्र तिवारी, कृष्णावती देवी, अनूप कुमार आदि स्वास्थ कर्मी ड्यूटी पर तैनात रहे। इटियाथोक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदाशिव, तकिया मनोहर, श्रीनगर व बसंतपुर राजा में लगे मेले में दोपहर तक 132 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। जिनके स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं दी गईं।
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