रामनगरी अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए बनी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल की छठी वाहिनी की स्थापना पड़ोसी जिले गोंडा में होगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। शासन के निर्देश पर अयोध्या शहर और अयोध्या के समीप गोंडा जिले में 20 एकड़ भूमि की तलाश की जा रही है।
प्रदेश की योगी सरकार ने जून 2020 में इस स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के गठन को मंजूरी दी थी। जून 2021 में यूपीएसएसएफ की पांच वाहिनी तैयार हो गई। इनमें लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, मथुरा और सहारनपुर शामिल हैं। बीते दिनों शासन ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए यूपीएसएसएफ की छठी वाहिनी का गठन किया था।
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छठी वाहिनी की स्थापना के लिए में अयोध्या शहर के साथ ही गोंडा जिले में भी 20 एकड़ र्निविवादित भूमि की तलाश की जा रही है। उपयुक्त जमीन मिलते ही वाहिनी की स्थापना के साथ ही आवासीय व अनावासीय भवनों का निर्माण प्रारंभ कराया जाएगा।
जमीन का चिन्हित करने के निर्देश जारी
बीते 18 नवंबर व 19 दिसंबर 2024 को अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अयोध्या और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गोंडा को एकमुश्त 20 एकड़ निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के लिए उपयुक्त जमीन का चिन्हित करने का निर्देश दिया जा चुका है।
2025 में वाहिनी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी
शासन ने अतिरिक्त भूमि की जरुरत पड़ने पर उसे क्रय करने के लिए आने वाले खर्च का भी ब्यौरा मांगा है। माना जा रहा है कि शासन के मंशानुसार नए साल 2025 में वाहिनी के निर्माण की प्रक्रिया हर हाल में शुरू हो जाएगी। इसी के मद्देनजर यहां के जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है।
20 एकड़ भूमि की तलाश शुरू
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार वाहिनी की स्थापना के लिए आवश्यक 20 एकड़ भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है। मानक के अनुसार उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन होने पर शासन को अवगत कराया जाएगा।