मोतीगंज। पत्नी को पढ़ाने के लिए एक युवक ने पल्लेदारी तक की। अपनी दो भैंस बेच दीं और गन्ना बेचकर फीस का इंतजाम किया। अब एएनएम की नौकरी मिलने पर पत्नी उसके साथ रहने को तैयार नहीं है। परेशान युवक ने मोतीगंज और महिला थाने में शिकायत की है।
मोतीगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2001 में क्षेत्र की ही एक लड़की से हुई थी। वर्ष 2018 में गौना के बाद पत्नी ससुराल आई। पत्नी ने एएनएम का कोर्स करने की इच्छा जताई। उसने किसी तरह पैसों का इंतजाम कर उतरौला रोड स्थित एक नर्सिंग कॉलेज में पत्नी का दाखिला कराया।
युवक का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद उसने पत्नी की पढ़ाई नहीं रुकने दी। फीस और अन्य खर्चों के लिए वह पंजाब के लुधियाना में रहकर पल्लेदारी करता रहा। इसके बाद भी पैसों की कमी होने पर दो भैंसें बेच दीं और गन्ना बेचकर भी फीस जमा की।
एएनएम का कोर्स पूरा होने के बाद पत्नी ने निजी अस्पताल में नौकरी शुरू कर दी। वर्तमान में वह बहराइच रोड स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। नौकरी मिलने के बाद अब वह पति के साथ रहने को तैयार नहीं है। युवक का कहना है कि कई बार परिजनों व रिश्तेदारों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन पत्नी अलग रहने की जिद पर अड़ी है।
युवक ने बताया कि उसकी मां दृष्टिबाधित हैं। पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। पत्नी के रवैये से परिवार टूटने की कगार पर आ गया है। क्षेत्राधिकारी शिल्पा वर्मा ने बताया कि पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद का मामला है। शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है।