करनैलगंज(गोंडा)। गोंडा-लखनऊ मार्ग पर ग्राम छितौनी के पास ट्रक में आग लगने और रसोई गैस के 364 सिलिंडरों में विस्फोट के मामले में चालक पंकज कुमार पाल ने शनिवार को रोते-रोते दर्द साझा किया।
चालक ने बताया कि आग बुझाने के प्रयास में उसके दोनों हाथ झुलस गए थे। इसके बावजूद वह ट्रक दौड़ाता रहा और ट्रक को हाईवे में वहां रोका जहां सुनसान था। अगर वह ऐसा नहीं करता तो जानमाल का नुकसान हो सकता था।
शनिवार को अमर उजाला से बातचीत के दौरान चालक पंकज ने बताया कि जरवल रोड के पहले ही ट्रक के केबिन में इंजन से धुआं उठने लगा और केबिन के अंदर वायरिंग जलने लगी थी।
उसने केबिन में रखे अग्निशमन के छोटे सिलिंडर से आग बुझाने का प्रयास किया और शरीर पर ओढ़ी शॉल को पानी में भिगोकर लपटों पर डाल दिया। लेकिन इंजन में लगी आग तेज हो रही थी।
जरवल रोड थाने के पास ट्रक धीमा कर आग बुझाने का प्रयास किया। इसमें उसके हाथ झुलस गए। आग नहीं बुझी, तब ट्रक को दौड़ाना शुरू किया। इंजन बार-बार बंद हो जा रहा था।
पंकज ने बताया कि किसी तरह बुढ़वलिया और छितौनी गांव के पास पहुंचा तो वहां भी घनी आबादी दिखाई दी। उसने फिर ट्रक आगे बढ़ाया।
छितौनी भुलियापुर के बीच सुनसान जगह पर ट्रक खड़ा कर दिया। केबिन से कूदकर रोड के दोनों तरफ चल रहे ट्रैफिक को रोकने का प्रयास करने लगा।
साथ ही डायल-112 की पुलिस और अग्निशमन दल को फोन किया। दोनों तरफ वाहनों को रोकते-रोकते जब पूरे ट्रक में आग लग गई तो वह खेतों की तरफ भाग निकला।
घटनास्थल से 500 मीटर दूर पहुंचा था तभी एक-एक करके सिलिंडरों में धमाके होने लगे। वह भागकर भंभुआ पहुंचा था।