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धूमधाम से मनाई गई गुरु गोविंद सिंह की जयंती

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गोंडा। सिक्खों के 10वें गुरु गोविंद सिंह का 354वां प्रकाश उत्सव बड़े बुधवार को बड़े धूमधाम से मनाया गया। शहर के मालवीय नगर स्थित दुख निवारण साहिब गुरुद्वारा सहित करनैलगंज व नवाबगंज गुरुद्वारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आकर माथा टेकने का सिलसिला जारी रही रहा।
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गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश उत्सव पर पिछले 48 घंटे से चल रहे गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का समापन हुआ। दोपहर में ही श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। गुरुद्वारे में आए लोगों ने जमकर लंगर छका।
वहीं रागी जत्थे के गगनदीप सिंह हजूरी ने अपने साथियों के साथ तहि प्रकाश हमारा भयो, परना शहर विखे भव लेहौ व धन धन हमारे भाग, घर आया पिर मेरा सहित कई कीर्तन सुनाए।
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गुरुद्वारे के सचिव राजेंद्र सिंह खुराना ने गुरु गोविंद सिंह के इतिहास व उनके बलिदानों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह छावड़ा, हरजीत सिंह, महेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, इकबाल सिंह, अजीत सिंह, नरेंद्र चावला आदि उपस्थित रहे।
नवाबगंज के कटरा कुटी धाम मंदिर में सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह की जयंती धूमधाम के साथ मनायी गई। मंदिर के महंत स्वामी चिंमयानंद महाराज ने कहा कि वे बचपन से ही क्रांतिकारी थे उन्हें किसी की गुलामी बर्दाश्त नहीं थी।
उन्हीं के पद चिह्नों पर चलते हुए उनके दोनों पुत्रों ने अपना जीवन बलिदान कर दिया। आज हमें गुरु गोविंद सिंह जी के विचारों तथा उनके उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने की जरूरत है।
खड़ौवा हनुमान मंदिर के महंत गया शरण दास जी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया था। हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए अपने दोनों पुत्रों को बलिदान कर दिया। भाजपा नेता चिंतामणि तिवारी ने कहा कि धर्म की रक्षा से ही यह देश बचा हुआ है।
इस देश की संस्कृति को बुलंदियों तक पहुंचाने में सिख समुदाय का मुख्य योगदान रहा है। इस अवसर पर मंदिर के मीडिया प्रभारी अरूण सिंह, शिव प्रसाद गुप्ता, दिवाकर मौर्य, पं. परशुराम शर्मा, डॉ. कुमार, विनोद गुप्ता, श्याम तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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