मास्टरमाइंड निकली पौत्री रिंका, दोस्त संग मिलकर रची थी हत्या की साजिश, फिर हवाई जहाज से पुणे चली गई
पौत्री संग तीन गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और तीन मोबाइल फोन बरामद, एक फरार
सेवानिवृत्त रेलकर्मी पाटेश्वरी चौहान की सोते समय कुल्हाड़ी से काटकर की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मनकापुर/गोंडा। कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के भरहूं गांव के रहने वाले सेवानिवृत्त रेलकर्मी पाटेश्वरी चौहान की हत्या संपत्ति की लालच में उनकी पौत्री ने ही कराई थी। मास्टरमाइंड पौत्री ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने दादा की हत्या की साजिश रची थी। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी पौत्री समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की हैै। जबकि एक अन्य आरोपी फरार है।
पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल ने केस का खुलासा करते हुए बताया कि वजीरगंज थाना क्षेत्र के उदयपुर ग्रंंट गांव के रहने वाले पाटेश्वरी चौहान (80) वर्ष 2007 में रेलवे से सेवानिवृत्त होने के बाद मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के भरहूं गांव मकान बनवाकर अकेले ही रहते थे। 19 जुलाई की देर रात घर के बरामदे में सोते समय उनकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी।
मामले में उनकी पौत्र वधू सरस्वती देेवी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी के मुताबिक हत्या की तफ्तीश के दौरान पता चला कि पाटेश्वरी की पौत्री रिया उर्फ रिंका चौहान हत्या से पहले 18 जुलाई को फ्लाइट से पुणे चली गई थी। संदेह होने पर रिंका से कड़ाई से पूछताछ की गई तो बताया कि वह अपनी मां के संग मिलकर डेढ़ साल तक बाबा की सेवा करती रही। मगर बाबा पाटेश्वरी अपनी पूरी संपत्ति 17 बीघा जमीन व भरहूं गांंव में स्थित मकान बड़ी पौत्र वधू सरस्वती के नाम करना चाहते थे, दो बीघा जमीन सरस्वती के नाम बैनामा भी कर चुके थे। शेष बची 15 बीघा जमीन व मकान भी सरस्वती के नाम करनेे की बात कह रहे थे। यही वजह रही कि उसने बाबा को रास्ते से हटाने की अपने दोस्त दिनेश चौहान के साथ मिलकर योजना बनाई।
मनकापुर के अंबरपुर के रहने वाले सलमान व बंदरहा गांव निवासी अखिलेश उपाध्याय जो आर्थिक रूप से बहुत कमजोर थे। उन्हें अयोध्या में दुकान कराने का लालच देकर शामिल कर लिया। दोनों हत्या को अंजाम देने को तैयार हो गए तो किसी को शक न हो, इसलिए वह 18 जुलाई को फ्लाइट से पुणे चली गई। 19 जुलाई की रात दिनेश बाइक से सलमान व अखिलेश को लेकर बाबा के घर पर छोड़कर चला गया। अखिलेश ने बाबा का पैर जकड़ लिया और सलमान ने गला घोंटने का प्रयास किया। मगर वह खुद को बचाने के लिए प्रयास करते रहे। इसी दौरान पास में रखी कुल्हाड़ी से दोनों ने बाबा की गला काटकर हत्या कर दी और फरार हो गए।
एसपी ने बताया कि रिंका को हत्या की सूचना मिली तो वह लौट आई और मर्च्युरी हाउस भी गई थी। एसपी के मुताबिक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। फरार हुए दिनेश चौहान की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।