केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति, विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारियों ने बीती शाम राज्यपाल से मिलकर उन्हें छह दिन पहले गोंडा शहर में हुए उपद्रव, लूटपाट व आगजनी की पीड़ा सुनाई। पदाधिकारियों ने राज्यपाल से दुर्गा पूजा व दशहरा पर बवाल होने की आशंका को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की।
केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति गोंडा के अध्यक्ष अरुण कुमार शुक्ल, बजरंग दल के प्रांत संयोजक राकेश वर्मा व विहिप के जिलाध्यक्ष शीतला प्रसाद तिवारी ने सोमवार को राज्यपाल रामनाइक से मुलाकात की।
इस दौरान पदाधिकारियों ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि 22 सितंबर को गोंडा के उतरौला रोड पर गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव, आगजनी व लूटपाट की घटनाएं हुईं। इसमें पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में निर्दोष लोगों को पकड़कर जेल भेज रही है।
पदाधिकारियों ने जिनकी दुकानें लूटीं व जलाई गईं, उनकी सूची सौंपी और सरकार से पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि दुुर्गा पूजा व दशहरा पर प्रतिमा विसर्जन में कोई बड़ी घटना न हो, इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया जाए।
गोंडा के प्रशासन पर अब जनता को विश्वास नहीं रह गया है। राज्यपाल ने एक मांग पत्र डीजीपी को देने का निर्देश दिया। इस पर प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस महानिदेशक से मिलकर दोषियों की गिरफ्तारी और निर्दोष पर कार्रवाई न करने की मांग की।
प्रतिनिधि मंडल में अतुल श्रीवास्तव, रमाकांत मिश्र, संजय मिश्र, नंद किशोर अग्रवाल, राम लाल जायसवाल आदि भी शामिल रहे।