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नए प्रयोगों से सरकारी स्कूल को मिली पहचान, शिक्षा को मिली उड़ान

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गोंडा में मनकापुर के महेवा गोपाल विद्यालय में प्रयोगशाला में प्रयोग करती छात्राएं। - फोटो : GONDA
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गोंडा। सरकारी स्कूलों के बारे में लोग चाहे जो कहें लेकिन शिक्षकों ने अपनी कोशिशों से कई स्कूलों की शिक्षा में बड़े परिवर्तन किए हैं। हाल ही में बेसिक शिक्षा ने प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट स्कूलों का चयन किया, जिसमें जिले के दो पूर्व माध्यमिक स्कूलों को स्थान मिला। जिसमें मनकापुर शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक स्कूल महेवा गोपाल का नाम रहा, स्कूल की पड़ताल की गई तो वहां शिक्षकों के नए प्रयोग की छाप मिली। शिक्षकों ने प्रयोगशाला के साथ ही कई नई पहल शुरू की और आज स्कूल की सूरत तो बदली ही शिक्षा को भी उड़ान मिली। स्कूल में बच्चों के लिए कई तरह के संसाधन हैं, जिससे वे अपनी तकदीर भी बदल रहे हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र में होने के बाद भी स्कूल सीमित संसाधनों में आगे बढ़ रहा है। पुरस्कार भी स्कूल को मिले हैं और वहां के शिक्षकों की भी अलग ही पहचान है। यहां के गणित शिक्षक देव प्रकाश पांडे राज्य स्तर की कार्यशाला और गतिविधियों में शामिल रहते हैं। वह बच्चों को गणित को सहज तरीके से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। गतिविधियों से गणित की शिक्षा देने का काम कर रहे हैं। इसी तरह विज्ञान के शिक्षक भोला प्रसाद यादव ने प्रयोगशाला को ऐसे तैयार किया है कि बच्चे हर कठिन सवालों को आसानी से समझ जाते हैं। नजर मोहम्मद के अलावा अनुदेशक संतोष वर्मा, नीरज तिवारी, जानकी देवी बच्चों की शिक्षा में रंग भर रहे हैं।
मंडलीय शिक्षक संसाधन प्रयोगशाला की है स्थापना
महेवागोपाल पूर्व माध्यमिक स्कूल में मंडल स्तर की शिक्षक संसाधन प्रयोगशाला स्थापित है। यहां शिक्षकों बच्चों को विज्ञान व गणित टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग की शिक्षा के तरीके बताए जाते हैं। माड्यूल विकसित किए गए हैं जिससे दूसरे शिक्षक भी अपने स्कूलों में लागू करके शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर कर रहे हैं। यहां समृद्ध विज्ञान लैब है। जिसमें विज्ञान से जुड़े सभी उपकरण हैं जो बच्चों को सीखने में काम आते हैं।
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गणित लैब में बच्चे बिना रटे सीखते हैं सवाल हल करना
गणित लैब में बच्चों को बिना रटे गणित के विभिन्न कान्सेप्ट सीखाए जाते हैं। गणित शिक्षक देव प्रकाश पांडे बताते हैं कि पाइथेरियस प्रमेय, गणितीय सर्व समिकाये, त्रिभुज का क्षेत्रफल तथा सभी प्रकार के चतुर्भुजों का सूत्र बच्चों को सिखाया जाता है। बच्चे बिना रटे ही सवाल हल करने के तरीके सीख रहे हैं। बच्चे कक्षाओं में प्रजेंटेशन भी देते हैं।
हर गुरुवार को शिक्षकों की लगती है स्कूल में पाठशाला
महेवा गोपाल में हर गुरुवार को बच्चों के साथ ही न्याय पंचायत के शिक्षकों की भी पाठशाला लगती है। शिक्षक यहां के शिक्षा को आगे बढ़ाने के टिप्स सीखते हैं और अपने प्रयोगों को भी बताते हैँ। आपस में पाठ योजनाओं पर डिस्कस करते हैं। यह जिले का पहला स्कूल हैं जहां पर एक साथ शिक्षक बैठकर नई पहल पर चर्चा करते हैं।
स्कूल का छात्र सचिन राष्ट्रीय स्तर पर देगा प्रजेंटेशन
महेवा गोपाल स्कूल का विज्ञान छात्र सचिन का माड़ल राज्य स्तर पर सराहा गया है। विज्ञान शिक्षक भोला प्रसाद यादव के नेतृत्व में छात्र का चयन राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए हुआ है। स्कूल में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, म्यूजिक सिस्टम, खेल सामग्री व पुस्तकालय है, जहां नियमित गतिविधियां होती है। यह स्कूल जिले के अच्छे स्कूल में शुमार है।
शिक्षकों के प्रयास और विभाग के सहयोग से जिले के कई स्कूलों में परिवर्तन आया है। महेवा गोपाल पूर्व माध्यमिक स्कूल के शिक्षक बेहतर प्रयास कर रहे हैं। उन्हें कई मंचों पर सराहा भी गया है, आगे भी पूरा सहयोग दिया जाएगा। -मनिराम सिंह, बीएसए
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