वनटांगिया गांव रामगढ़ में सड़क किनारे पोल पर लाइट लगाता मिस्त्री। - संवाद
गोंडा। अति पिछड़े समाज को पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुहिम को बड़ी उपलब्धि मिली है। देश की आजादी के अमृत काल में अब जिले के जंगलों में रहने वाले वनटांगिया समुदाय का जीवन भी रोशन हो उठा है। जिला प्रशासन की पहल पर रामगढ़ वनटांगिया गांव तक बिजली पहुंच पाई है। आजादी के करीब 75 वर्षों बाद अब इनके गांव की ओर जाने वाले रास्ते भी रोशनी से जगमगा उठे हैं।
वन विभाग की अप्रोच सड़क से रामगढ़ वनटांगिया गांव तक के मार्ग को रोशन किया गया है। हरदवा ग्राम पंचायत में रामगढ़ वनटांगिया गांव है। डीएम नेहा शर्मा ने 16 जून को रामगढ़ वनटांगिया गांव का निरीक्षण कर विकास की रणनीति तैयार की थी। वनटांगिया समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए गांवों में दो सरकारी स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके साथ ही गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने की पहल की। अब गांव को रोशन भी किया जा रहा है। इसका काम मंगलवार को शुरू किया गया।
सड़क निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर समुदाय तक पहुंचाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। जिला प्रशासन इसके लिए प्रतिबद्ध है।
मंगलवार को गांव के मुख्य मार्ग पर खंभे और लाइट लगाने का काम शुरू हुआ। पहली बार गांव में दूधिया रोशनी देख लोगों के चेहरे खिल उठे। बच्चे हों या बुजुर्ग सभी के चेहरे पर एक अलग सी खुशी देखने को मिली। बुजुर्ग फूला देवी ने कहा कि पहले अंधेरा रहता था। शाम के समय आना-जाना संभव ही नहीं था, क्योंकि अंधेरे में जानवरों के हमले का डर रहता था। गांव की बेटी ममता कहती हैं कि अब अंधेरे से निजात मिल जाएगी। गांव के संतराम बताते हैं कि कुलदेवी का मंदिर है। नवरात्रि में यहां पूजा होती है। हर साल 20 हजार रुपये सिर्फ रोशनी के लिए जनरेटर पर खर्च होते थे। अब ये पैसे बचेंगे।