गोंडा। मंडल मुख्यालय स्थित बस अड्डे पर खुद रोडवेज की लगभग 95 और तीन सौ से अधिक अलग-अलग जनपदों की बसों का ठहराव हो रहा है। जिसके चलते एक एकड़ में बना बस अड्डा और कार्यशाला का स्थान अब छोटा पड़ रहा है। रोजाना बस अड्डे के आसपास जाम की स्थिति रहती है। जिसको लेकर परिवहन निगम नया बस अड्डा तैयार करेगा। इसके लिए 10 एकड़ जमीन मांगी गई है। जल्द ही जमीन चिह्नित कर आगे की प्राक्रिया शुरू होगी।
पिछले आठ जुलाई को परिवहन निगम प्रमुख सचिव ने मंडल स्तरीय गोंडा बस स्टॉप का निरीक्षण किया था। इस दौरान वर्कशॉप के अलावा बसों के ठहराव को लेकर अहम जानकारियां जुटाई थीं। भविष्य को देखते हुए नए बस स्टॉप को बनाने के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए थे। ऐसे में परिवहन निगम अधिकारियों ने जिला प्रशासन से 10 एकड़ जमीन मांगी है।
परिवहन निगम के अधिकारियों ने नए बस स्टॉप के लिए अपनी जरूरी तैयारियां शुरू कर दी है। मंडल मुख्यालय होने के कारण यात्रियों के साथ बसों का दबाव रहता है। बावजूद इसके बस अड्डे पर बसों के मुकाबले जगह की कमी पड़ रही है। अधिकारियों ने बताया कि जमीन मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को विस्तृत योजना के लिए रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद परिवहन निगम भवन निर्माण समेत जरूरी प्रक्रिया शुरू करेगा। माना जा रहा है कि जल्द ही जमीन परिवहन विभाग को मिल सकती है।
कमिश्नरी के चलते उच्चस्तरीय होगा बस अड्डा
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती जनपद का मंडल मुख्यालय होने के कारण अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस अड्डे का निर्माण कराया जाएगा। झांसी, कानपुर, अयोध्या, बलरामपुर, लखनऊ और बाराबंकी समेत प्रदेश के जनपदों के लिए बसें मिलती है। रोजाना लाखों की संख्या में यात्री सफर करते हैं।
नगरीय क्षेत्र में बनाया जाएगा बस अड्डा
विभागीय जानकारों ने बताया कि पिछले दिनों में बालपुर जाट इलाके में जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन बस अड्डा बनाने की सहमति नहीं बन पाई है। उनका कहना है कि गोंडा शहर के आसपास नए बस अड्डे के लिए जमीन तलाश की जा रही है। नगर पालिका परिषद और सदर तहसील के विनियमित क्षेत्र में शामिल 27 गांवों में भी भूमि की उपलब्धता का प्रस्ताव मांगा गया है।
गोंडा बस अड्डे की स्थिति
कुल बसें: 95
अनुबंधितः 37
बसों का ठहरावः 300
सेवाः 24 घंटे
यात्रियों का औसतः 15-20 हजार यात्री (रोजाना)
निर्माणः 1957 (स्थापना से चल रहा बस अड्डा)
जल्द ही आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
बसों की संख्या के लिहाज से अब जगह कम पड़ रही है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान नए बस अड्डे के लिए जमीन मांगने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत जिला प्रशासन से 10 एकड़ जमीन मांगी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही नए बस अड्डे को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
- कपिल देव, एआरएम, परिवहन निगम