गोंडा। प्रदेश सरकार की ओर से ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जिले के काला नमक चावल की खुशबू महकेगी। गोंडा का मल्टीग्रेन आटा, रांगी, कोदव, बाजरा, सांवा आदि भी ट्रेड शो में चार चांद लगाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर तैयारियां पूरी की गई हैं।
ओडीओपी के सलाहकार विकास वर्मा ने बताया कि ट्रेड शो में शामिल होने के लिए जिले की एक कंपनी ने पंजीकरण कराया है। ये कंपनी इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टॉल लगाएगी। जहां गोंडा का काला नमक चावल, मल्टीग्रेन आटा आदि उत्पाद देश-विदेश की कंपनियों के बीच अपनी पहचान बनाएंगे।
इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के प्रत्येक जिले से 10-10 उद्यमी शामिल होंगे। इसके लिए उद्यमियों को पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। जिले की अथरिष्ट फार्मर प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड के प्रोप्राइटर व जिले के उद्यमी कुलदीप मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ करेंगे। वह दूसरी बार ट्रेड शो में शामिल होने जा रहे हैं। गत वर्ष अधिक बिक्री के लिए उन्हें द्वितीय पुरस्कार मिला था। कुलदीप ने बताया कि आयोजन को लेकर वह उत्साहित हैं। उनका काला नमक चावल लोगों को खूब पसंद आ रहा है। स्वास्थ्यवर्धक मल्टीग्रेन आटा, रांगी, कोदव, बाजरा, सांवा आदि भी जिले को नई पहचान देंगे।
उद्यमियों काे मंच देगा इंटरनेशनल ट्रेड शो
जिला उद्योग उपायुक्त बाबूराम ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो में देश व विदेश की नामी-गिरामी कंपनियां शामिल होंगी। उनके उत्पादों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। उन कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। एक-दूसरे के विशिष्ट उत्पादों की जानकारी के साथ ही खरीददारी भी की जा सकेगी। वहीं, कच्चा माल खरीदने के लिए इच्छानुसार विकल्पों पर विचार भी किया जा सकेगा। इंटरनेशनल ट्रेड शो शामिल होने के लिए पास भी जारी किए जा रहे हैं। कई श्रेणी बनाई गई हैं। ऑनलाइन माध्यम के साथ ही उद्योग उपायुक्त कार्यालय से पंजीकरण की व्यवस्था है। अधिकारियों के मुताबिक, देवीपाटन मंडल के 25 से 30 उद्यमी इंटरनेशनल ट्रेड शो में शामिल हो सकते हैं।
150 रुपये प्रति किलो बिकता है काला नमक चावल
उद्यमी कुलदीप मिश्र ने बताया कि गोंडा के साथ ही सिद्धार्थनगर जनपद के किसान काला नमक चावल की खेती करते हैं। काला नमक चावल करीब 150 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रहा है। उन्होंने बताया कि गोंडा में पहले काला नमक चावल की खेती नहीं होती थी। उन्होंने ही इसकी शुरूआत की थी। अब बड़े पैमाने पर किसान काला नमक चावल की खेती करके अच्छा लाभ कमा रहे हैं।