फोटो-15-गोंडा के हलधरमऊ में पानी में सड़ रही धान की फसल। -संवाद
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सरयू घाघरा व टेढ़ी नदी उफान पर है। जिसका पानी चंदहा नाला में आने से किसानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। चंदहा नाले में पानी अधिक होने से कठेला तालाब भी लबालब हो गया है। जिससे आसपास के किसानों की 10 हजार बीघा फसल डूब गई है। बटौरा लोहांगी के प्रधान प्रतिनिधि राम कुमार मिश्र ने तहसील प्रशासन से नाव लगाने की मांग की है।
बता दें कि चंदहा नाला जिसे चंद्रभागा नदी भी कहा जाता है, जोकि करनैलगंज से निकलकर अयोध्या के सरयू नदी में मिल जाती है। बाढ़ के पानी से मिश्र पुरवा, बोटन पुरवा, बटौरा लोहांगी, कठेला सहित अन्य गांवों से संपर्क टूट गया है। वहीं, तैयार धान, मक्का, उर्द, अरहर, तिल आदि की फसल पानी सड़ गई है। शिवशंकर पुरवा और भरसड़ा के पुल पर पानी सैलाब की तरह बह रहा है।
वहीं, परसपुर के भौरीगंज पंचवटी में पानी के तेज बहाव से मिट्टी की कटान से हाईटेंशन 11 हजार (एचटी लाइन) का एक पोल गिर गया। जिससे जनपद बाराबंकी के चार व विकास खंड परसपुर के छह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों की बिजली गुल हो गई। इससे करीब तीन हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ता प्रभावित हैं। इधर, लव्वावीरपुर से नवाबगंज, वजीरगंज, कटरा शिवदयाल गंज, रघुराजनगर टिकरी व मोहनपुर सब स्टेशनों को होने वाली विद्युत आपूर्ति शुक्रवार को भी बाधित रही।