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समय से नहीं मिला इलाज, मरीज ने तोड़ा दम

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फोटो-13 गोंडा के मनकापुर सीएचसी पर प्रदर्शन करते स्वास्थ्यकर्मी। -संवाद - फोटो : GONDA
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मनकापुर (गोंडा)। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक टीबी मरीज को समय से इलाज न मिल पाने से उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में भर्ती मरीज को करीब दो घंटे तक कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया। फार्मासिस्ट व अप्रेंटिस छात्रों के इलाज में उसने दम तोड़ दिया।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर पर चौबेपुर गांव निवासी टीबी मरीज फागू यादव(60) की मौत हो गई। मृतक के भाई रमाशंकर यादव का आरोप है कि वह अपने भाई को सुबह 11 बजे सीएचसी लाया था। इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। वहां पर फार्मासिस्ट व अप्रेंटिस करने वाले छात्रों ने इलाज शुरू किया, लेकिन मरीज की हालत गंभीर होती गई। मुंह से खून की उल्टी बंद नहीं हो रही थी। दो घंटे बाद मरीज ने दम तोड़ दिया। इस दौरान काई भी डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया।
मौत के बाद डॉ. रविश रिजवी भागते हुए आए तथा मरीज को मृत घोषित कर दिया। बताया कि मरीज के साथ आए दूसरे भाई प्रह्लाद यादव ने बताया कि कई बार कहने पर भी डॉक्टर को नहीं बुलाया गया, यदि समय से इलाज मिल जाता तो भाई की जान बच जाती। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीके भास्कर ने बताया कि मरीज की मौत सीएचसी पर पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। जानकारी मिलने पर डॉक्टर ने परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया। संवाद
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मरीज दम तोड़ रहा था, अधीक्षक प्रदर्शनकारियों के मनुहार में जुटे
- सीएचसी मनकापुर के मुख्य गेट पर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी वहां तैनात एक डॉक्टर के खिलाफ लामबंद होकर धरना दे रहे थे। डॉक्टर इमरजेंसी की ड्यूटी छोड़कर अधीक्षक के साथ कर्मियों के मनुहार में जुटे रहे। बता दें कि स्थानीय सीएचसी पर तैनात डॉ. सुषमा त्रिवेदी के खिलाफ सीएचसी के अन्य स्वास्थ्यकर्मी दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए लामबंद हो गए। सभी ने सामूहिक रूप मे सीएचसी के गेट पर धरना देना शुरू कर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीके भास्कर व इमरजेंसी में ड्यूटी छोड़कर डॉ. रविश रिजवी प्रदर्शनकारियों की मनुहार में पहुंच गए।
आरोप लगाया है कि जिस दौरान जिम्मेदार डॉक्टर धरना दे रहे लोगों को मनाने में जुटे थे, उसी समय मरीज इमरजेंसी में दम तोड़ रहा था। जानकारी पर उपजिलाधिकारी आकाश सिंह मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया।
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