कटरा बाजार (गोंडा)। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश से किसानों को इस वर्ष काफी नुकसान उठाना पड़ा। बारिश से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। बची फसल को छुट्टा पशुओं ने नहीं छोड़ा। वहीं, मिल न चलने से किसानों की गन्ना की फसल खेतों में खड़ी है। गेहूं की बुआई के लिए किसान मैजापुर चीनी मिल चलने का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं।
किसानों को उम्मीद थी कि उनके खेतों में लगी गन्ने की फसल जो बची है, उसे बेचकर नुकसान की कुछ भरपाई कर लेंगे। मगर मैजापुर चीनी मिल में पेराई शुरू न होने से किसानों की उम्मीद टूट रही है। किसान गन्ने की फसल को औने-पौने भाव में बेचने को मजबूर हैं। क्षेत्र से रोजाना सौ क्विंटल गन्ना क्रेशर पर बेचा जा रहा है। किसान आस लगाये थे कि 20 नवंबर तक मिल में पेराई शुरू हो जाएगी, लेकिन पेराई शुरू न होने से गन्ने की फसल भी खेतों में खड़ी है।
कुछ किसानों ने क्रेशर पर गन्ना बेचना शुरू कर दिया है। क्रेशर की क्षमता के मुताबिक किसानों को पूरा गन्ना नहीं बिक सकता है। जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। खेत खाली न होने से गेहूूं की बुआई भी पिछड़ गई है। किसान अरविंद, जितेंद्र, जमुना प्रसाद, सुधाकर पांडेय, सुशील पांडेय, अवधेश, रविंद्र तिवारी, सुनील ने बताया कि मिल न चलने से गेहूं की बुआई पर असर पड़ रहा है।
बताया कि मिल में पेराई शुरू न होने से गन्ना क्रेशर पर औने पौने दाम में बेचना पड़ रहा है। उधर, मैजापुर चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना पीके चतुर्वेदी ने बताया कि मिल चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस माह के अंत तक पेराई चालू करा दी जाएगी।