गोंडा। मौसम की मार से किसी तरह धान की पैदावार करने वाले किसानों के लिए एक और मुश्किल बढ़ गई है। क्रय केंद्रों पर हाईब्रिड धान खरीदने से हाथ खड़े कर दिए जा रहे हैं। प्रभारी किसानों से बीज के बिल की जीएसटी समेत मांग कर रहे हैं। इधर, किसानों के पास बिल नहीं है या गायब हो गए हैं। इस कारण कई किसान बिचौलियों की शरण में जाने को मजबूर हैं।
जिले में तीन लाख किसानों ने इस बार धान की फसल उगाई जिसमें दो लाख से अधिक लोगों ने हाईब्रिड धान की बोआई की। अब इन किसानों से धान खरीदने के लिए बीज का जीएसटी समेत बिल मांगा जा रहा है। किसानों का कहना है कि पहले बताया नहीं गया बीज का बिल गायब हो गया, अब कहां से बिल लाएं। किसानों का कहना है कि केंद्र पर जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, उससे साफ प्रतीत होता कि प्रभारी धान की खरीद नहीं करना चाहते। मजबूरी में बिचौलियों के हाथों औने-पौन में बेचना पड़ेगा।
किसान बोले, सरकार नहीं खरीदना चाहती धान
बिल मांगने से किसानों में नाराजगी
कटरा बाजार के अंबर पुरवा निवासी किसान कल्पराम यादव ने कहा कि पांच महीना पहले बाजार से बीज खरीदा गया था, उसका बिल गायब हो गया तो कहां से बिल लाया जाय। सरकार किसानों को प्रक्रियाओं में फंसाकर बिचौलियों से ही धान खरीदना चाह रही है।
सिंहपुर गांव निवासी किसान अरविंद ने कहा कि यदि किसानों से बिल मांगा जाना था तो उसकी सूचना बोआई के पहले दी जानी चाहिए, अब बिल कहां से लाया जाय। मजबूरी में औने पौने धान बेंचना पड़ेगा।
तिलका गांव निवासी किसान सुनील ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की भी मंशा है कि किसान केंद्रों पर न आकर बिचौलियों को ही धान बेंचे। जिससे वह बिचौलियों से वहीं धान खरीद कर अपना लक्ष्य पूरा कर सकें और उन्हें मोटा कमीशन मिल जाए।
पथवलिया निवासी किसान विष्णु ने कहा कि जीएसटी सहित धान के बीज का बिल मांगा जाना बिल्कुल गलत है। अब इतने दिनों बाद किसी भी किसान के पास बीज का बिल नहीं है, तो उनका धान कैसे बिकेगा।
न बारदाना और न लगे डस्टर फैन
साधन सहकारी समिति सर्वांगपुर समदरियनपुरवा के केंद्र प्रभारी परशुुराम सिंह अभी तक बारदाना, डस्टर फैन नहीं आ पाया। नमी मापक यंत्र खराब पड़ा है। कोई किसान आएगा भी तो खरीद नहीं हो पाएगी। वजीरगंज धान क्रय केंद्र पर संसाधन तो है लेकिन कोई किसान धान बेचने नहीं आया। नवाबगंज में भी कोई किसान धान बेचने नहीं पहुंचा।
20 किमी जाकर बेचना पड़ेगा धान
छपिया विकासखंड में किसानों का धान खरीदने के लिए मात्र एक क्रय केंद्र बनाया गया है, जो मसकनवा बाजार से दो किलोमीटर दूर धुसवा गांव के पास बनाया गया। जिससे विकाखंड के चुुवाड़, हरखूपुर, बभनी, बभनान सहित अन्य क्षेत्रों के किसानों को बीस किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।
बीज का बिल जरूरी
नई क्रय नीति के अनुसार किसानों से हाईब्रिड धान खरीदने के लिए बीज का बिल मांगा जाना है। अभी तक कोई ऐसा आदेश नहीं आया, जिससे किसानों को छूट दिया जाय। हालांकि अभी केंद्रों पर किसानों का आना नहीं शुरू हुुआ। शासन के निर्देश के अनुसार कार्य किया जाएगा।
प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ