गोंडा। नारायणपुर वली गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर प्रवाचक डाॅ. स्वामी उद्धव शरण महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण सुदामा की मित्रता जगत प्रसिद्ध है। जो मित्र अपने मित्र के दुख में दुखी नहीं होता, उसे देखने से भी महापाप लगता है। सुदामा के पास लौकिक धन तो नहीं था, किंतु वह ब्रह्मधन के धनी थे। धर्मपत्नी सुशीला के निवेदन पर भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए द्वारिकापुरी गए। द्वारकाधीश ने अद्भुत स्वागत कर सुदामा को अद्वितीय वैभव प्रदान किया।
प्रवाचक ने कहा कि कर्म फल से मुक्ति का मार्ग भगवान की शरणागति है। जीव अपने समस्त कर्म को प्रभु चरणों में समर्पित कर कर्म फल से मुक्त हो प्रभु के नित्य धाम का भागी बन जाता है। भगवान द्वारिकाधीश के मंगल चरित्र को सुनकर राजा परीक्षित भगवान के श्रीचरणों में समाहित हो गए। (संवाद)
बाल लीलाओं से मिलती सीख
मसकनवा (गोंडा)। महमूदपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवाचक डाॅ. रघुवंश नाथ शुक्ल ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि बाल लीलाओं से हमें सीख मिलती है कि जीवन में कभी विचलित नहीं होना चाहिए। मनुष्य को भगवान का नाम स्मरण कर हर परिस्थिति का मजबूती से सामना करना चाहिए। इस अवसर पर भवनाथ पांडेय, नवनीत त्रिपाठी, डाॅ. एए पांडेय, मनीष पांडेय, मनोज, इंद्रमणि, प्रदीप पांडेय, संतोष पांडेय, अमित त्रिपाठी उपस्थित रहे। (संवाद)
विश्वास करने से दूर होंगी बाधाएं
पसका (गोंडा)। अगर ईश्वर की भक्ति करते हैं तो उन पर अटूट विश्वास भी रखें। यही विश्वास आपके जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करेगा। जब हमारे साथ अच्छा होता है, तो हम भगवान को भूल जाते हैं। मगर जब कुछ बुरा होता है तो उसके लिए भगवान को दोष देते हैं। जबकि हमारे जीवन में होने वाली अच्छी व बुरी घटनाओं के पीछे हमारे कर्म होते हैं। इसलिए जीवन में हमेशा भगवान का ध्यान करते हुए अच्छे कर्म करने चाहिए। ये बातें परसपुर के भौरीगंज के सरयू घाट स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा में प्रवाचक श्याम भूषण जी महाराज ने कहीं। प्रवाचक ने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान गोकरनदास, अभिषेक श्रीवास्तव, शिवम तिवारी, हवलदार सोनी, फौजदार, मुकेश आदि मौजूद रहे। (संवाद)
चरित्र पर होता है अच्छे विचारों का प्रभाव
पसका। जीवन की सफलता में विचारों का बहुत बड़ा महत्व है। जिन लोगों के विचार अच्छे और श्रेष्ठ होते हैं वे प्रत्येक जिम्मेदारी पर खरे उतरते हैं। ऐसे लोगों की शत्रु भी प्रशंसा करते हैं। ये बातें रविवार को परसपुर स्थित श्री अद्वैत स्वरूप संन्यास आश्रम में आयोजित सत्संग में प्रवाचक साध्वी शशि बहन ने कहीं। प्रवाचक ने कहा कि उच्च विचारों के माध्यम से हम स्वयं को समझने और समस्याओं का समाधान करने की क्षमता प्राप्त करते हैं। अच्छे विचारों का प्रभाव हमारे चरित्र पर भी होता है। साध्वी रजनी बहन, शांति, निर्मला, उपासना, ममता आदि मौजूद रहीं। (संवाद)