गोंडा। साफ-सफाई के अभाव व मच्छरों से फैली बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) के तहत बजट को खर्च करने में जिम्मेदार कंजूसी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य की ओर से होने वाली मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान गोंडा की प्रगति सबसे खराब मिली। जिसको लेकर अपर निदेशक ने सीएमओ सहित अन्य जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए।
अपर निदेशक के कार्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान एडी जयंत कुमार ने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति के तहत खर्च होने वाले विभिन्न बजट की समीक्षा की। जिसमें एएनएम व ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते से गोंडा में मात्र 4.41 प्रतिशत, श्रावस्ती में 4.49 प्रतिशत, बहराइच में 12 प्रतिशत व बलरामपुर में 34 प्रतिशत बजट ही खर्च हुए। आशा बहू व प्रधान के संयुक्त खाते से गोंडा में 4.9 प्रतिशत, श्रावस्ती में 13.06 प्रतिशत, बहराइच में 13.26 प्रतिशत और बलरामपुर में 18 प्रतिशत बजट खर्च हुए।
इसी प्रकार हेल्थ वेलनेस सेंटरों के लिए सीएचओ के खाते से गोंडा में आठ प्रतिशत, श्रावस्ती में 14.84 प्रतिशत, बहराइच में 16.84 प्रतिशत तथा बलरामपुर में 20.23 प्रतिशत बजट ही खर्च हो सके। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य बजट खर्च करने में गोंडा सबसे फिसड्डी व बलरामपुर अव्वल रहा। अपर निदेशक ने सभी सीएमओ व नोडल अधिकारियों को प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।