गोंडा में बेलसर के जफरापुर में अमृत सरोवर के निर्माण में जुटे श्रमिक। -संवाद
- फोटो : GONDA
बेलसर (गोंडा)। काम में लापरवाही और भुगतान में देरी के कारण जॉब कार्ड धारक श्रमिकों का मनरेगा से मोहभंग हो गया। बेलसर ब्लॉक के 19,729 मजदूर काम के लिए नहीं आ रहे हैं। ब्लॉक की 54 ग्राम पंचायतों में से नौ ग्राम पंचायतों में 27 से 40 प्रतिशत जॉब कार्ड धारकों को ही काम मिला है। ऐसे में ग्रामीण गांव छोड़कर दूसरे राज्यों को पलायन कर रहे हैं।
सरकार की मंशा थी कि गांव के लोगों का शहर की ओर पलायन रोका जाए। गांव के लोगों को गांव पर रोजगार उपलब्ध हो जाए तो शहर की ओर हो रहे पलायन रुक जाएंगे। मनरेगा में सौ दिन का रोजगार देना अनिवार्य है। इसके बावजूद ग्राम पंचायतें जॉब कार्ड धारकों को काम देने में फिसड्डी साबित हुई हैं। पूरे ब्लॉक में 35067 श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र 15338 श्रमिकों को ही कार्य दिया जा सका है।
वर्तमान में कुल सक्रिय जॉब कार्ड धारकों को संख्या 786 है। पटल सहायक मीनाक्षी ने बताया कि बरसात होने के कारण अमृत सरोवर का निर्माण कार्य बंद हो गया है। जिससे मजदूरों की संख्या घटी है।
ग्रामपंचायत - कुल श्रमिक - कार्य करने वाले श्रमिक
उमरीबेगमगंज - 2368 - 642
सोनौलीमुहम्मदपुर - 2617 - 708
आदमपुर - 1346 - 444
बरौली - 1579 - 521
लौव्वा टेपरा - 877 - 308
ऐली परसौली - 1376 - 533
जबरनगर - 1064 - 425
बेलसर 1188 - 478
सेमरी कला 1121 - 667
लोग काम नहीं करना चाहते
मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन लोग काम नहीं करना चाहते हैं। इसलिए सक्रिय जॉब कार्ड धारकों की संख्या कम है। प्रणय कृष्ण, खंड विकास अधिकारी बेलसर