गोंडा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की मशक्कत में जुटे स्वास्थ्य विभाग को इस बार अच्छी कामयाबी मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जिले को प्रदेश में 17वां स्थान मिला है, जबकि इससे पहले जिला 37वें स्थान पर था।
जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है। इन योजनाओं के तहत शासन की ओर से हर साल विभाग को लक्ष्य दिया जाता है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के आधार पर प्रदेश में जनपद को रैंकिंग मिलती है। सोमवार को राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की ओर से जिला स्वास्थ्य सूचकांक 2023 जारी किया गया। जिसमें गोंडा को 17वां स्थान मिला। संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा, मातृवंदना योजना का लाभ देने के साथ ही टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, गर्भावस्था के दौरान एचआईवी जांच सहित अन्य सेवाओं में जिले का प्रदर्शन बेहतर हुआ है।
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अप्रैल 2022 में 3,539 संस्थागत प्रसव हुए थे, जबकि अप्रैल 2023 में 2,607 प्रसव ही हुए। संस्थागत प्रसव में कमी आने पर मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली ने सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा व महिला अस्पताल की तत्कालीन सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा को कड़ी चेतावनी दी थी। जिसको लेकर सीएमओ ने नर्सिंग होम संचालकों व सीएचसी अधीक्षकों के साथ बैठक कर संस्थागत प्रसव बढ़ाने का निर्देश दिया। जिस कारण संस्थागत प्रसव के मामले में काफी सुधार हुआ है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि सीएचसी अधीक्षकों व निजी अस्पतालों के संचालकों की मेहनत से जिले को प्रदेश में 17वीं रैंक मिली है। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं में और भी सुधार होगा।