मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के वादों का किया समीक्षा डीएम ने एक माह में 30 के सापेक्ष 76 वादों को निस्तारित कर बनाया स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। राजस्व वादों के निस्तारण में जिले को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय प्रदेश में राजस्व वादों के निस्तारण के मामले में शीर्ष पर रहा। सर्वाधिक वादों का निस्तारण कर डीएम नेहा शर्मा ने पहला स्थान बनाया। मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर की गई अगस्त 2024 माह की समीक्षा में जिले की यह तस्वीर सामने आई है।
शासन ने अगस्त 2024 की मासिक रिपोर्ट में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला मजिस्ट्रेट न्यायालयों के स्तर पर वादों के निस्तारण की स्थिति का विश्लेषण किया है। शासन ने डीएम कोर्ट के लिए प्रत्येक माह न्यूनतम 30 वादों के निस्तारण का मानक तय किया है। डीएम कोर्ट ने अगस्त 2024 में 76 वादों का निस्तारण किया, जो निर्धारित मानक से 253.33 प्रतिशत अधिक है। निस्तारण में जिलाधिकारी नेहा शर्मा के प्रयास की सराहना हुई है। डीएम ने जून 2023 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही राजस्व वादों के निस्तारण का विशेष अभियान चलाया। चकबंदी और राजस्व न्यायालयाें की नियमित समीक्षा की। इसके साथ ही अपने न्यायालय पर भी वादों का निस्तारण कर मिसाल पेश की। डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में वादों का निस्तारण त्वरित और न्यायपूर्ण तरीके से किया जाना हमारी प्राथमिकता है। सभी राजस्व न्यायालयों में इसी लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के शीर्ष 10 जनपद
जनपद -
निस्तारित वाद -
मानक के सापेक्ष प्रतिशत
1.
गोंडा
-
76
-
253.33%
2.
आजमगढ़ -
75
- 250%
3.
गाजीपुर - 55
- 183.33%
4. भदोही -
54 - 180%
5. बिजनौर - 49
- 163.33%
6. एटा - 47
- 156.67%
7.
हरदोई
-
45
- 150%
8.
वाराणसी
44
- 146.67%
9.
सिद्धार्थनगर
41
- 136.67%
10.
सुल्तानपुर
41
- 136.67%