गोंडा। ठंड के प्रकोप से बुजुर्गों और सांस के मरीजों की दुश्वारियां बढ़ गईं। सांस, दमा, बुुखार व कोल्ड डायरिया के मरीजों से जिला अस्पताल के बेड फुल हो गए। जिला अस्पताल में भर्ती तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिनमें दो वरिष्ठ नागरिक थे। मरीजों की बढ़ती तादात को देखते हुए मेडिकल वार्ड के बगल तथा डेंगू वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है।
मोतीगंज क्षेत्र के चड़सड़ निवासी रामदीन (80) को तेज बुखार के चलते विगत 25 दिसंबर को जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कोतवाली नगर क्षेत्र के खैरा कालोनी निवासी सच्चिदा प्रसाद श्रीवास्तव (85) गंभीर रूप से बीमार थे, इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। करनैलगंज क्षेत्र के पांडेय चौराहा निवासी लल्लू मौर्य (45) किडनी की बीमारी के चलते 23 दिसंबर को जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे, उनका निधन हो गया।
इसी प्रकार ठंड बढ़ने से गांवों में बुजुर्गों और सांस रोगियों की मौत होने की बात सामने आ रही है। ठंड का प्रकोप बढ़ने के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस, दमा व हड्डी रोग के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बच्चे वायरल बुखार व निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में नियमित फिजीशियन की नियुक्ति नहीं है। संविदा के डॉ. शोएब इकबाल और डॉ. एके त्रिपाठी की ओर से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रत्येक फिजीशियन के ओपीडी में 150 से अधिक मरीजों का इलाज हो रहा है। हड्डी रोग विभाग में दोपहर तक 195 मरीजों को इलाज मिला।
कोल्ड डायरिया व निमोनिया का बढ़ा प्रकोप
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड में तीस बेड हैं। पिछले करीब एक महीने से बेड फुल रहते हैं। सबसे अधिक निमोनिया व कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे अस्पताल आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चों को घर पर रहकर दवा खाने की सलाह दी जाती है। गंभीर स्थिति में भर्ती किया जाता है।
बच्चों और रोगियों को ठंड से बचाएं
जिला अस्पताल में डॉ. कुलदीप पांडेय ने बताया कि सर्दी जनित बीमारियां जानलेवा हो सकती हैं। ठंड लगने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। बुजुर्ग, बीमार व बच्चों को ठंड में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर निकलते हैं कायदे से पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढक लें। बच्चों को अधिक से अधिक घर पर ही रखें। उन्हें गर्म वातावरण का माहौल दें। बुजुर्ग सुबह के समय बाहर टहलने से बचें।
ठंड के मौसम में सांस व दिल, किडनी व कोल्ड डायरिया के मरीजों की तादात बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में बेड बढ़ा दिए गए हैं। डॉ. पीडी गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल