मूल्यांकन केंद्र में जांच करते हुए।
गोंडा। यूपी बोर्ड के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पांच केंद्रों पर हो रहा है। लगातार जिन स्कूलों के शिक्षक ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, उनकी अब जांच होगी। बुधवार को वित्त विहीन स्कूलों के 500 से अधिक शिक्षक मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं हुए हैं। इसमें करीब दो सौ स्कूलों को चिन्हित किया गया है।
डीआईओएस राकेश कुमार ने कई केंद्रों का निरीक्षण कर पूरी सतर्कता के साथ मूल्यांकन का निर्देश दिया था, जिसकी पड़ताल स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने की। मूल्यांकन में एक लाख 60 हजार कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। डीआईओएस ने बताया कि बुधवार को 60 हजार कॉपियों का मूल्यांकन हुआ है।
बताया कि परीक्षकों की कमी नहीं है, लेकिन जिन स्कूलों के शिक्षक ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। उनकी जांच होगी, शिक्षकों का नाम फर्जी ढंग से दर्ज किए जाने की बात सामने आई तो कार्रवाई होगी। कहा कि वित्त विहीन स्कूलों में शिक्षकों के नाम गलत ढंग से भी दर्ज किए जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए अनुपस्थित हो रहे शिक्षक ही आधार होंगे।