आखिरकार 10 साल के लंबे इतजार के बाद गोंडा-बस्ती 220 केवीए लाइन रविवार की देर रात गोंडा से चालू कर दी गई। 104 किलोमीटर लंबी इस लाइन से मौजूदा वक्त बस्ती जिले को बिजली की आपूर्ति हो रही है। लेकिन बस्ती से इस लाइन के मार्फत गोंडा को बिजली मिलने में अभी एक महीने का समय और लग सकता है।
जिसके बाद मंडल के चार जिलों को सुल्तानपुर के अलावा बिजली के दूसरे विकल्प बस्ती से भी बिजली मिलने लगेगी। देवीपाटन मंडल के चार जिलों को मौजूदा समय बिजली के एकमात्र विकल्प सुल्तानपुर से ही बिजली की आपूर्ति हो रही है।
लेकिन अगले एक महीने के भीतर जल्द ही चारो जिलों को बस्ती से भी बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। जिसके बाद अगर सुल्तानपुर की लाइन किन्हीं कारणों से खराब भी हो जाती है, तो मंडल के चार जिलों समेत पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा।
जिसके लिए गोंडा पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों ने गोंडा से बस्ती के बीच 20 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई 104 टावरों की लाइन को रविवार देर रात गोंडा से चालू कर दिया है। जिससे बस्ती जिले को बिजली की आपूर्ति भी होने लगी है।
पारेषण खंड विभाग के उपखंड अधिकारी आरके त्रिपाठी का कहना है कि उन्होंने अपना काम गोंडा-बस्ती लाइन को गोंडा से चालू करके खत्म कर दिया है। इसलिए अब इस लाइन को बस्ती से चालू किए जाने की पूरी जिम्मेदारी बस्ती पारेषण खंड विभाग की है।
जिसके लिए उन्हें एनआरएलडीसी (दिल्ली) से बिजली की लाइन का शटडाउन लेकर इसकी बिजली चालू करनी है। जिसमें अधिकतम एक महीने का समय लग सकता है।
गोंडा से बस्ती तक बनाई गई 104 टावरों की हाईटेंशन लाइन का काम उनके स्तर से पूरी तरह कंप्लीट है। बस्ती में तैनात पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों से उनकी बात लगातार हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस महीने के अंत तक वह इस लाइन के मार्फत गोंडा को बिजली देना शुरू कर देंगे। -रविप्रकाश दुबे, अधीक्षण अभियंता पारेषण खंड विभाग, देवीपाटन मंडल