फोटो-23-गोंडा के नवाबगंज में प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपती रसोइया। -संवाद
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गोंडा। पांच माह से मानदेय न मिलने से नाराज रसोइयों ने गुरुवार को हुंकार भरी। डीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। मांग की कि न्यूनतम वेतनमान संबंधी हाईकोर्ट के आदेश को तत्काल लागू किया जाए। मांगे पूरी न होने पर गांधी जयंती पर सत्याग्रह करने की चेतावनी दी।
जिले के परिषदीय स्कूलों में 7680 रसोइए तैनात हैं। अप्रैल से उनको मानदेय नहीं दिया जा रहा है जिससे उन्हें दिक्कत हो रही है। विभाग की ओर से बजट की कमी बताई जा रही है। इससे रसोइयों में नाराजगी है कि उनसे काम तो लिया जा रहा है लेकिन समय से मानदेय नहीं दिया जाता है। मिडडे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन की अध्यक्ष कांति मौर्या ने कहा कि विभाग और शासन उनकी अनदेखी करता है।
चुनाव में बूथ कर्मियों के लिए भोजन भी बनवाया जाता है लेकिन अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया जाता। वहीं, अन्य कर्मियों को अतिरिक्त भुगतान होता है। उन्होंने कहा कि रसोइयों को अभी तक साड़ी की रकम नहीं दी गई। एप्रन की रकम भी नहीं दी गई। भोजन बनवाने के अलावा बर्तन व स्कूल की सफाई तक कराई जाती है। इसके लिए कोई अतिरिक्त मानदेय या भत्ता नहीं दिया जाता है। गुड़िया, आशा व मालती मौर्या आदि रसोइयों ने कलेक्ट्रेट में डीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। मांग की कि नियमों के तहत जो तय है, उसका भुगतान समय से किया जाए।
रसोइयों के एक माह के मानदेय के लिए बजट मिल गया है। बाकी का भी बजट जल्द ही जारी होगा। इसके लिए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
गणेश गुप्ता, जिला समन्वयक, एमडीएम