तहसील दिवस प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम है एवं जनता को त्वरित न्याय देने के लिए आयोजित किया जाता है। तहसील दिवस में जनता त्वरित न्याय व गुणवत्तापूर्ण समाधान की आशा के साथ आती है। इसलिए सभी अधिकारी जनता की समस्याओं का प्रमुखता से निस्तारण कराएं। यह निर्देश डीएम आशुतोष निरंजन ने मंगलवार को तहसील करनैलगंज में आयोजित जिला स्तरीय तहसील दिवस में जनता की शिकायतों का निस्तारण करने के दौरान दिए।
डीएम ने सभी लेखपालों को आदेश दिए हैं कि भूमि के विवादों में पैमाइश के बाद पत्थर उखाड़ने वालों या सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्यवाही करें तथा ऐसे उपद्रवियों की रोज अदालत पर हाजिरी लगवाएं।
तहसील दिवस में कड़रू तारा गांव थाना परसपुर निवासी सुरेश सिंह ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की कि गांव में विपक्षियों द्वारा लेखपाल की मिलीभगत से चकमार्ग व बंजर जमीन पर कब्जा कर लिया गया है, जिसकी शिकायत पूर्व में भी की जा चुकी है, परंतु अब तक प्रकरण अनिस्तारित है। इस मामले में डीएम ने संबंधित लेखपाल से जवाब तलब किया तो ज्ञात हुआ कि मामले में गलत रिपोर्ट लगाने के आरोप में संबंधित लेखपाल निलंबित भी हो चुका है।
डीएम ने वहीं पर लेखपाल को फटकार लगाते हुए एसडीएम करनैलगंज को आदेश दिए कि चकमार्ग व बंजर की जमीन से अवैध कब्जा हटवाकर तीन दिन में रिपोर्ट प्रेषित करें। करनैलगंज रुदौली निवासी विमलेश तिवारी ने पंचायत सचिव पर आरोप लगाते हुए ग्राम निधि में वित्तीय अनियमितता बरतने की शिकायत की।
डीएम ने मामले की जांच कर कार्यवाही करने के आदेश बीडीओ करनैलगंज को दिए। अधिवक्ता प्रतापबली सिंह ने तहसील करनैलगंज मुख्यालय गेट से लेकर पुराने अस्पताल के गेट तक नजूल की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने का अनुरोध किया।
इस मामले पर डीएम ने एसडीएम से जवाब तलब किया तो ज्ञात हुआ कि 27 अवैध कब्जेदारों का चिन्हांकन कर लिया गया है। शीघ्र ही अवैध कब्जे हटवाए जाएगें। तहसील दिवस में कुल 216 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 23 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।