कुपोषण से बचाने के लिए बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाए। गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच हो। गांव में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और स्वास्थ्य समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए।
ये बातें जिलाधिकारी प्रीति शुक्ला ने शनिवार को गोद लिए गए उतरौला विकास खंड के बड़हराकोट के प्राथमिक विद्यालय में चौपाल को संबोधित करते हुए कही। डीएम ने चौपाल में गांव के कुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने एएनएम व आशा बहू को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं की नियमित जांच करें।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को निर्देश दिया कि गांव में पोषाहार का नियमानुसार वितरण किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बड़हराकोट में चौपाल लगाने के बाद डीएम ने श्रीदत्तगंज ब्लॉक के कोल्हुई बिनोहनी गांव के प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति कम होने, शिक्षा का स्तर सही न होने, मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन न बनाए जाने तथा स्टोर में मध्याह्न भोजन का कोई भी सामान उपलब्ध न पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए सहायक अध्यापक को कड़ी फटकार लगाई।
सहायक को निर्देश दिया कि बच्चों की उपस्थिति एवं शिक्षा के स्तर में सुधार लाया जाए। मेन्यू के अनुसार ही नियमित रूप से मध्याह्न भोजन बनवाया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को नियमित रूप से गांव में पोषाहार वितरण करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान चिकित्साधिकारी डॉ. सीएन पांडेय के अनुपस्थित रहने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है।
इस अवसर पर डीपीओ वीके तिवारी, एसडीएम उतरौला राम हर्ष मौर्य एवं डीडीओ शिव कुमार सहित अन्य तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे।