गोंडा। जिले के दो माध्यमिक स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा से पाठ्यक्रम शुरू होंगे। राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी। करीब दो हजार छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें आठ सेक्टरों के 16 कोर्सों का चयन किया गया है। इन सबकी अवधि अलग-अलग है। ज्यादातर कोर्स 12 से 15 माह के हैं। इनमें छात्रों को प्रमाणपत्र मिलेगा। इसके लिए अलग से कोई परीक्षा नहीं देनी होगी। इसको यूपी बोर्ड के विषयों से जोड़ा नहीं जाएगा। यह कोर्स अलग होगा।
छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आईटी से जुड़े ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी स्कूलों में सारे ट्रेड नहीं होंगे, बल्कि एक या दो सेक्टर के ट्रेड होंगे। कक्षा-9 व कक्षा-11 के विद्यार्थियों का नामांकन इसमें होगा। नई शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा को स्कूली शिक्षा का अनिवार्य अंग बनाने पर जोर दिया गया है। नीति को लागू करने की पहल की जा रही है। इस नीति में व्यावसायिक शिक्षा ले रहे छात्रों का मूल्यांकन किए जाने और बोर्ड परीक्षा में किसी सामान्य विषय में फेल होने पर व्यावसायिक शिक्षा के परिणाम से परिवर्तित करने का भी नियम बनाया गया है। हालांकि इस व्यवस्था को अभी लागू नहीं किया गया है। अभी छात्रों की पढ़ाई कराई जाएगी। विभाग ने कौशल विकास मिशन के साथ मिलकर प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी शुरू कर दिया है। इसी साल छात्रों को प्रशिक्षण की सुविधा दी जा सके। संवाद
इन क्षेत्रों में दिया जाएगा प्रशिक्षण
तय क्षेत्र - प्रशिक्षण
परिधान निर्माण- सिलाई मशीन ऑपरेटर, टेलरिंग
कृषि- सब्जियों की फसल उगाना, गार्डनिंग
ऑटोमोटिव- चौपहिया वाहन सर्विस असिस्टेंट, चौपहिया वाहन सर्विस टेक्नीशियन
ब्यूटी व वेलनेस- असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, ब्यूटी थेरेपिस्ट
ऊर्जा- केबल ज्वाइंटर इलेक्ट्रिकल पॉवर सिस्टम, कंज्यूमर एनर्जी मीटर टेक्नीशियन
आईटी- आईटीईएस- डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर
शारीरिक शिक्षा- फिटनेस ट्रेनर, फिजिकल एजुकेशन असिस्टेंट
रीटेल- रीटेल स्टोर ऑपरेशंस असिस्टेंट, रीटेल सेल्स एसोसिएट
व्यावसायिक शिक्षा के लिए दो इंटर कॉलेजों को चुना गया है। कौशल विकास मिशन से छात्रों को प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है। राकेश कुमार, डीआईओएस