गोंडा। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 5.0 के तहत नवंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश स्तर पर प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेेरेमनी (जीबीसी) की तैयारी तेज हो गई है। इससे जिले में पर्यटन, उद्योग और निर्माण क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। अभी तक 15 उद्यमियों ने जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश के लिए एमओयू किया है।
अयोध्या के सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण गोंडा जिले में सबसे अधिक निवेश की उम्मीदें हैं। पिछले दिनों शासन स्तर से जिले को 2,500 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य आवंटित किया। यहां पर्यटन से लेकर हाउसिंग सेक्टर में उद्यमी निवेश के लिए आगे आ रहे। डेयरी व अन्य क्षेत्रों में निवेशकों में उत्साह है। इकाईयां स्थापित करने के लिए संबंधित विभाग से एमओयू किया। विभागों से समन्वय स्थापित कर जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
दूसरे प्रदेशों के निवेशकों को भी निवेश प्रस्ताव के लिए प्रोत्साहित करके संपर्क स्थापित किया गया। रोड, पानी व बिजली आदि की बेहतर इंतजाम दिए जा रहे हैं। उनकी समस्याओं के समाधान किए जा रहे हैं। प्रस्तावित जीबीसी 5.0 के लिए लक्ष्य हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र संदीप द्विवेदी ने बताया कि जीबीसी 5.0 के तहत अब तक 15 निवेशकों ने कुल 294.90 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया। इन निवेशकों ने अलग-अलग विभागों के साथ एमओयू किए गए। नवंबर के आखिरी सप्ताह में प्रस्तावित भूमि पूजन समारोह में शामिल होने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की है। इससे करीब 508 रोजगार का सृजन होगा।
जीबीसी 5.0 के तहत निवेश की तैयारी
फर्म- निवेश (करोड़ रुपये में)
आदित्य ग्रेन इंडस्ट्रीज-10
गोल्डेन फेयरी रिजार्ट-2.5
मानविक ईश्वर-02
सॉलिड फर्नीचर-03
प्लेटिनम ब्लिस रिजार्ट- 30
अभिषेक इंडस्ट्रीज-05
द सवन्ना रिट्रीट होटल एंड रिजार्ट-06
कपूर हास्पिटलिटी-08
पांडेय लेबर कांट्रैक्टर एंड मिनी मिल्क भंडार-04
त्रिपाठी इंटरप्राजेज-01
सिंह एसोसिएट-10
शक्ति इंटरप्राइजेज-4.9
उड़ायन अमृतम फूड्स-01
कोसी गंगा फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी-1.5
सावर्थिया डेपलपर-206
(आंकड़ा स्रोत- जिला उद्योग केंद्र)
निवेश के लिए किए जा रहे हरसंभव प्रयास
शासन स्तर से जीबीसी के तहत लक्ष्य आवंटित किया गया है। अयोध्या व अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रस्ताव मिले हैं। सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिक से अधिक निवेश हो सके, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-बाबूराम, उद्योग उपायुक्त