गोंडा। शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले इटियाथोक स्थित बालक भगवान लघु माध्यमिक विद्यालय के रिटायर्ड लिपिक स्वयं प्रकाश शुक्ल व उसके साथी के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। आरोपियों के खिलाफ गोंडा के तीन व बलरामपुर के एक थाने में जालसाजी व गबन की एफआईआर दर्ज हैं।
नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि इटियाथोक के भवनियापुर उपाध्याय बेंदुली निवासी स्वयं प्रकाश शुक्ल और उसका साथी पूरे शुक्ल चरहुआं परसपुर निवासी अवधेश कुमार शुक्ल मौजूदा समय सिविल लाइंस स्थित आईटीआई रोड के पास रहते हैं। दोनों मिलकर एक संगठित गिरोह चलाते हैं। स्वयं प्रकाश शुक्ल गैंग लीडर है। दोनों मिलकर तमाम लोगों को शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।
कोतवाल ने बताया कि तुल्ला मुरावनपुरवा परेड सरकार निवासी रमेश कुमार मौर्य ने तहरीर दी। जिसमें बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने 10 लाख रुपये मांगे थे। उन्होंने छह लाख रुपये स्वयं प्रकाश शुक्ल के ड्राइवर उमाशंकर जायसवाल निवासी पोर्टरगंज पथवलिया के सामने उन्हें दिए थे। चार लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से खाते में दिए, नौकरी नहीं मिली। दबाव बनाने पर चार लाख रुपये वापस कर दिए। छह लाख रुपये नहीं दिए।
कोतवाल ने बताया कि इससे पूर्व हीरापुर कमियार करनैलगंज निवासी दीपक कुमार से भी अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर 16 लाख रुपये नकद व चेक के माध्यम से ले लिए। नौकरी भी नहीं मिली और रुपये भी नहीं लौटाए। मांगने पर धमकी दी। दोनों मामलों में केस दर्ज कर तफ्तीश की जा रही थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
कोतवाल ने बताया कि आरोपियों पर गोंडा के इटियाथोक थाने में दो, कटरा बाजार में एक व बलरामपुर कोतवाली नगर में धोखाधड़ी का गबन का मामला दर्ज है। दोनों की तलाश की जा रही है।