गोंडा। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से चर्म रोग के मरीज बढ़ गए हैं। फंगल इंफेक्शन, दाद व घमौरी के मरीजों में इजाफा हुआ है। बृहस्पतिवार को 217 मरीजों का उपचार किया गया।
मेडिकल कॉलेज में बनी कोविड बिल्डिंग में संचालित चर्म रोग विभाग की पहली ओपीडी में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार व दूसरी ओपीडी में चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. आयुषी पांडेय व सीनियर रेजीडेंट डॉ. श्रुति गुप्ता ने मरीजों का उपचार किया। दोपहर एक बजे तक तीनों डॉक्टरों की ओर से 217 मरीजों का उपचार किया गया।
डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि बरसात के बाद उमस बढ़ गई है। इस समय फंगल इंफेक्शन के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। फंगल इंफेक्शन शरीर का पसीना रुकने वाले स्थानों पर अधिक होता है। हाथों के बगल, जांघ, छाती का निचला भाग और अंगुलियों के बीच में खुजली होने की समस्या होती है।
बताया कि इससे बचाव के लिए प्रतिदिन ताजे और ठंडे पानी से स्नान करें। पहले से इंफेक्शन है तो पहने हुए कपड़ों को गर्म पानी में उबालकर धोएं। धूप में अच्छे से सुखाएं। गर्मियों में हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें। मीठा, लाल मिर्च और तेज मसालेदार खाने से बचें। तरल पदार्थ का सेवन करें। हरी सब्जी और फल अधिक खाएं। पानी ज्यादा पीएं।