गोंडा। बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्रामसभा राजापुर कला एवं गुलरिया जगतापुर में डेढ़ करोड़ रुपये के शौचालय घोटाले में नया मोड़ आ गया है। क्राइम ब्रांच ने मामले में बहराइच के तीन जिला पंचायत राज अधिकारियों को आरोपित किया है। जिसमें एफआईआर दर्ज करवाने वाले डीपीआरओ उमाकांत पांडेय भी दोषी मिले हैं। बहराइच के एसपी ने आरोपित किए तीनों डीपीआरओ के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति डीएम के माध्यम से शासन से मांगी है।
साल 2021 में स्वच्छ भारत मिशन के गरीब पात्रों को मिलने वाले शौचालय में बड़ा घोटाला सामने आया था। इसमें किसी लाभार्थी के खाते में धन नहीं डाला गया। पूर्व प्रधानों द्वारा बनाए गए फर्मों पर भुगतान करा दिया गया। उस समय सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने मोतीपुर थाने में पूर्व प्रधानों एवं प्रधानों के परिवारीजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें गुलरिया जगतापुर में 948 के सापेक्ष 269 शौचालयों का निर्माण कराया गया। करीब एक करोड़ 13 लाख रुपये का घोटाला होने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने पूर्व प्रधान बीना सिंह, रामशरण सिंह एवं पंचायत सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। राजापुर कलां ग्राम सभा क्षेत्र में 948 शौचालयों का निर्माण होना था। प्रति शौचालय 12 हजार रुपये खातों में भेजे गए थे। यहां पर 31 लाख 20 हजार रुपये का घोटाला हुआ। जिसमें निवर्तमान प्रधान रामादेवी, प्रधानपति दिनेराम व ग्राम पंचायत सचिव लक्ष्मीनारायण (निवासी मनिकापुर पयागपुर) को आरोपित किया गया।
सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) महेंद्र प्रताप सिंह की ओर दर्ज कराए एफआईआर की जांच क्राइम ब्रांच ने की। जिसमें वर्तमान डीपीआरओ उमाकांत पांडेय, पूर्व डीपीआरओ कृष्ण बहादुर वर्मा (सेवानिवृत्ति), पूर्व डीपीआरओ राजेंद्र प्रकाश व पूर्व सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी की भूमिका भी उजागर हुई। विवेचक ने तीनों को आरोपित कर अभियोग चलाने की अनुमति मांगी है।
खातों में न भेजकर फर्मों को कराया आवंटन
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत यह नियम है कि जो भी लाभार्थी हों उनके खातों में 12 हजार रुपये डाले जाएं, ताकि उसमें किसी अन्य का हस्तक्षेप न रहे। दोनों पूर्व प्रधानों और सचिव लक्ष्मी नारायण ने नियमों को ताख पर गरीबों का हक मारा। तीनों ने लाभार्थियों के खाते में पैसा न भेजकर विभिन्न फर्मों को ट्रांसफर करा दिया।
तीनों की होगी गिरफ्तारी
बहराइच जिले के शौचालय घोटाले में तीन डीपीआरओ के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए एसपी बहराइच ने डीएम बहराइच के माध्यम से अभियोजन स्वीकृति मांगी है। अभियोजन स्वीकृति मिलते ही तीनों की गिरफ्तारी कराई जाएगी।
उपेंद्र अग्रवाल, डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र