गोंडा। परिषदीय स्कूल में फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वालों के खुलासे का सिलसिला जारी है। मुजेहना ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल रानीजोत में सहायक अध्यापक के पद पर 27 अगस्त, 2016 को प्रदीप कुमार की नियुक्ति हुई थी। बीएसए की ओर से शासन के आदेश पर 29 मई, 2019 को पुलिस सत्यापन शुरू किया गया। प्रदीप कुमार ने फीरोजाबाद जिले का पते निवास के रूप में दिखाया था। पुलिस अधीक्षक फीरोजाबाद ने निवास प्रमाण पत्र में दर्ज पते पर ऐसे किसी व्यक्ति के न होने की रिपोर्ट दी।
इसके साथ ही अभिलेखों की जांच में कई भिन्नताएं मिलीं। बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार ने फर्जी अभिलेखों के आधार पर विभाग को गुमराह कर नौकरी हासिल की थी। उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और मुजेहना के बीईओ को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार के अभिलेखों की जांच में कई खामियां मिली हैं। हाईस्कूल में अंकों का ही फेरबदल किया गया है। स्व प्रमाणित फोटो कॉपी और मूल अभिलेखों में काफी अंतर मिला।
ऐसे ही इंटर, स्नातक, बीटीसी आदि के प्रमाण पत्रों में भी फर्जीवाड़े की बात सामने आई है। बीएसए ने सहायक अध्यापक को चार जुलाई तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। इसके बावजूद कोई साक्ष्य न देने पर बुधवार को उन्हें बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने सहायक अध्यापक को अब तक प्राप्त वेतन व भत्तों को राजकोष में जमा कराने का आदेश भी दिया है। उन्होंने कहा कि यदि लिए गए वेतन व भत्ते जमा नहीं किए तो राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।