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Gonda News: हेराफेरी कर बेच दी सरकारी जमीन

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गोंडा। सदर तहसील में जमीनों के बैनामा में फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। तहसील में मौजूद अभिलेखों में हेराफेरी कर 0.097 हेक्टेयर सरकारी स्वामित्व की जमीन को आठ लोगों को बेच देने का मामला उजागर हुआ है। इसका खुलासा लेखपाल स्तर से हुई जमीन के दस्तावेजों की जांच में हुआ। इस मामले में अब जमीन बेंचने वाले व खरीदने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की तहरीर दी गई है।
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ग्रामसभा बिसवागनेश की खतौनी खाता संख्या 186 के गाटा संख्या 342/0.081 हेक्टेयर व गाटा संख्या 340/0. 016 हेक्टेयर बंजर (सरकारी भूमि) में दर्ज है। नंद किशोर पुत्र रक्षा राम निवासी ग्राम बिसवागनेश ने तहसील अभिलेखागार में मौजूद जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी कर इसके कूटरचित अभिलेख तैयार कर लिए। गांव के लेखपाल मस्तराम वर्मा ने अभिलेखों की हुई जांच में बंजर में दर्ज इस सरकारी भूमि के बैनामा हो जाने का खुलासा हुआ। इसमें नंद किशोर ने अपने नाम पर इस जमीन को दिखा कर इसके फर्जी अभिलेख तैयार कराने के बाद पांच अलग अलग लोगों को जमीन बेचकर इसका बैनामा करा दिया जबकि तीन अन्य को जमीन का इकरार नामा पंजीकृत कराकर कब्जा दिला दिया। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट लेखपाल ने एसडीएम को दी है।
रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी नंद किशोर से सरकारी स्वामित्व की इस जमीन को विसवा गनेश के अजय कुमार शुक्ला ने 41.86 वर्ग मीटर, मलारी की संजू ने 41.86 वर्ग मीटर, विसवा गनेश की केवला ने 41.86 वर्ग मीटर, विसवा की ही रेखा वर्मा 62.79 वर्ग मीटर, विसवा के ही राहुल कुमार 18.60 वर्ग मीटर और विसवा गनेश के ही अनुरुद्ध कुमार व अजय कुमार एवं विशुनपुर बैरिया के विनोद कुमार ने संयुक्त रूप से 58.14 वर्ग मीटर भूमि खरीद कर इसका इकरारनामा पंजीकृत कराकर जमीन पर कब्जा हासिल किया है।
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राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करके एक व्यक्ति ने सरकारी स्वामित्व में दर्ज जमीन दूसरों को अनाधिकृत बैनामा व इकरारनामा कर बेच दी है। इसमें आरोपित नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति पुलिस अधीक्षक को भेजी गई है। विनोद कुमार सिंह, एसडीएम सदर
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