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Gonda News: 1.46 करोड़ के घपले में फंसे श्रावस्ती के नौ पूर्व प्रधान, आठ सचिव

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गोंडा। देवीपाटन मंडल के श्रावस्ती जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर जमकर घालमेल हुआ है। जिला लेखा परीक्षक टीम की जांच में जिले की नौ ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में खर्च हुई 1.46 करोड़ रुपये की धनराशि में गड़बड़ी पकड़ आई है। जांच में वित्तीय वर्ष 2018-19 तथा वर्ष 2019-20 में कराए गए विकास कार्यों में खर्च हुई लाखों की धनराशि के बिल वाउचर तक टीम को नही मिले। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी श्रावस्ती, आयुक्त व उपनिदेशक पंचायत को गड़बड़ियों की रिपोर्ट भेजकर नौ पूर्व प्रधान और आठ ग्राम पंचायत सचिवों से ब्याज समेत खर्च धनराशि की वसूली सुनिश्चित कराने की संस्तुति की है।
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अनियमितता और गोलमाल के दायरे में आई ब्लाक गिलौला की ग्राम पंचायत भैंसावा में साल 2018-19 में स्ट्रीट व सोलर लाइट व पाइप की खरीद, हैंडपंप रिबोर-मरम्मत में 7.65 लाख , ग्राम मानिकपुर खुर्द में नियम विरुद्ध सोलर लाइट लगवाने, कूड़ादान खरीदने, हैंडपंप रिबोर-मरम्मत व नाली निर्माण में 5.71 लाख की धनराशि के हिसाब में गड़बड़ी मिली है। ऐसे ही ब्लाक सिरसिया की ग्राम पंचायत बुटहर में साल 2019-20 में सोलर लाइट खरीद में 2.02 लाख और जमुनही ब्लाक की ग्राम पंचायत खावां कला में सोलर लाइट स्थापना के नाम पर खर्च हुई 80 हजार की धनराशि से संबंधित कोई भी बिल वाउचर आडिट टीम को जांच के दौरान नहीं मिले।
इसी तरह प्रिया साफ्ट पोर्टल के अनुसार इकौना की ग्राम पंचायत मनोहरापुर में साल 2019-20 में 52.99 लाख, मलौना खसियारी में 15.97 लाख, सिरसिया की ग्राम पंचायत बेनीडिहवा में 7.503 लाख, पटखौली में 17.18 लाख, बैरीहवा में 20.70 लाख, जमुनहा के ग्राम मल्हीपुर कला में 5.78 लाख , सेहरिया में 10.42 लाख के खर्च के सापेक्ष कैशबुक, पासबुक, कार्य पत्रावली, बिल वाउचर, मस्टररोल, माप पुस्तिका आदि कोई अभिलेख प्रधान व सचिव उपलब्ध नहीं करा पाए। जांच टीम ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमित्ता मानते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में माना है।
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जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने अनियमितता मिलने वाली ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधान और सचिव से ब्याज समेत धनराशि वसूली की कार्यवाई के लिए डीएम श्रावस्ती, आयुक्त व उप निदेशक पंचायत को संस्तुति सहित रिपोर्ट भेजी है।
हिसाब-किताब न देने में फंसे प्रधान व सचिव
ऑडिट टीम ने नौ ग्राम पंचायतों के जिन तत्कालीन ग्राम प्रधान और सचिवों से वसूली की संस्तुति की है उनमें भैंसावा की प्रधान शीला देवी, सचिव मनीष कुमार, मानिकपुर खुर्द की प्रधान अनीता देवी, सचिव नागेंद्र प्रसाद, मनोहरापुर की प्रधान सुनीता पांडेय, सचिव राजेश कुमार चौधरी, मलौना खसियारी की प्रधान सुमनलता और सचिव राजेश कुमार चौधरी शामिल हैं।
इसी तरह बेनिडिहवा की प्रधान कुंती देवी, सचिव अखिलेश कुमार, पटखौली की प्रधान रागिनी सिंह, सचिव संदेश सिंह, बैरीहवा के प्रधान अनिल कमुार व सचिव नंद किशोर को भी घेरे में लिया गया। बुटहर के प्रधान भानुचंद, सचिव रक्षाराम गुप्ता, मल्हीपुर कला की प्रधान अनवरी बेगम, सचिव मुकेश गुप्ता, खावां कलां के प्रधान कृपाराम, सचिव नानू यादव व सेहरिया के तत्कालीन प्रधान शाहजहां व सचिव मुकेश गुप्ता भी खर्च का हिसाब न देने में फंसे हैं।
ऑडिट रिपोर्ट में श्रावस्ती के नौ ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए मिली धनराशि के खर्च में वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। पंचायती राज अधिनियम के तहत इस मामले में कार्यवाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
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आरएस चौधरी, उप निदेशक पंचायत, देवीपाटन मंडल गोंडा
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