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Gonda News: सांस की बीमारी से पीड़ित दो मरीजों ने दम तोड़ा

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गोंडा में जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। ठंड का बढ़ता प्रकोप सांस के मरीजों पर भारी पड़ने लगा है। इसके चलते ही बीते 24 घंटे में जिला अस्पताल में भर्ती सांस की तकलीफ से जुड़े दो मरीजों की मौत हो गई। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में अस्थमा व हृदय रोगियों की संख्या भी लगातार बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को सांस की तकलीफ से पीड़ित करीब 80 से अधिक मरीज पहुंचे।
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जिला अस्पताल में भर्ती कोतवाली नगर के ठाकुरपुरवा निवासी शिवशंकर (58) की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार को उन्हे सांस लेने में हो रही परेशानी के बाद भर्ती कराया गया था। उज्जैनी कला निवासी कन्हैया (95) को भी मंगलवार को सांस लेने में तकलीफ व पेट दर्द की समस्या बाद जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई। मौसम जनित बीमारियों के चलते मेडिकल वार्ड के सभी बेड वर्तमान में मरीजों से फुल हैं।
लगातार बढ़ रही संख्या के कारण मरीजों को गैलरी व बरामदे तक में बेड डालकर भर्ती करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों में भी कोल्ड डायरिया, बुखार व निमोनिया की तकलीफ तेजी से बढ़ रही हैं। इसी कारण वर्तमान में बच्चों का वार्ड व एनआईसीयू के 30 बेड पूरी तरह भरे रहते हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में संचालित विभिन्न ओपीडी में दोपहर एक बजे तक 1623 मरीजों का परीक्षण किया गया। इनमें से अधिकांश मरीज मौसम जनित बीमारी से पीड़ित थे।
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डेंगू के सात नए केस मिले
जिले में डेंगू का प्रकोप भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को जांच के बाद सात बुखार रोगियों में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 172 हो गई है। कोविड अस्पताल में बने डेडीकेटेड डेंगू यूनिट में वर्तमान में छह मरीज भर्ती हैं।
अस्थमा मरीज ठंड में करें बचाव
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ कुलदीप पांडेय ने बताया कि बढ़ती ठंड के साथ ही अस्थमा मरीजों को सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने के साथ ही गर्म पानी से स्नान करने व धुएं से दूर रखना चाहिए। अस्थमा के मरीज शराब व सिगरेट का सेवन भी न करें। बुजुर्ग बिना कारण घर से बाहर न निकलें और खानपान पर विशेष ध्यान दें।
सर्द हवाओं के साथ तीखे होते ठंड के तेवर से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। महिला व पुरुष मेडिकल वार्ड में बेड फुल होने के कारण गैलरी में बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। डेंगू मरीजों के लिए भी 40 बेड रिजर्व हैं। डॉ. इंदुबाला, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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